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    Maratha Quota: '...तब तक मेरे घर के अंदर मत घुसना', मनोज जरांगे ने खत्म किया अनशन; सरकार को दिया अल्टीमेटम

    मराठा आरक्षण को लेकर कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने गुरुवार को अपना नौ दिन पुराना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया। मनोज जारांगे ने जूस पीकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ा। इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो माह के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह मुंबई तक एक मार्च का नेतृत्व करेंगे।

    By AgencyEdited By: Anurag GuptaUpdated: Thu, 02 Nov 2023 10:50 PM (IST)
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    मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे (फोटो: एएनआई)

    एजेंसी, जालना। मराठा आरक्षण को लेकर कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने गुरुवार को अपना नौ दिन पुराना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया। हालांकि, उन्होंने सरकार को दो माह का अल्टीमेटम भी दिया।

    जूस पीकर तोड़ा अनशन

    मनोज जारांगे ने जूस पीकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ा। इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो माह के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह मुंबई तक एक मार्च का नेतृत्व करेंगे।

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    यह भी पढ़ें: धाराशिव के व्यक्ति ने कुनबी जाति प्रमाणपत्र सरकार को लौटाने का किया फैसला, कहा- पूरे समुदाय को मिले...

    बता दें कि राज्य सरकार के चार मंत्रियों ने जालना जिले में मनोज जारांगे से उनके गांव में मुलाकात की और उनसे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को खत्म करने का अनुरोध किया। बकौल एजेंसी, मनोज जारांगे ने कहा,

    जब तक सभी मराठों को आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक मैं अपने घर में प्रवेश नहीं करूंगा।

    हाई कोर्ट के रिटायर न्यायाधीशों संदीप शिंदे, एमजी गायकवाड़ और कुछ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मनोज जारांगे से मुलाकात की, जिन्होंने पूरे महाराष्ट्र में मराठों के लिए आरक्षण की अपनी मांग दोहराई।

    यह भी पढ़ें: मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों का फूटा गुस्सा, CM और डिप्टी सीएम के पोस्टर पर पोती कालिख

    मराठा आरक्षण देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन

    मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहे। पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कई विधायकों ने राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा, राकांपा के दोनों गुटों के साथ-साथ शिवसेना और कांग्रेस के विधायक सुबह सचिवालय के गेट पर एकत्र हुए और आरक्षण की मांग को लेकर नारे लगाए। धाराशिव जिले में ग्रामीणों ने 'जेल भरो' विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

    मराठा आंदोलनकारियों ने ठाणे के भिवंडी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पोस्टर पर कालिख पोत दी। छत्रपति संभाजीनगर जिले में गुरुवार को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं।

    'किसी समाज से अन्याय किए बिना देंगे मराठा आरक्षण'

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि वह मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे जरांगे पाटिल द्वारा दिए गए दो माह के समय का उपयोग अन्य समाज से अन्याय किए बिना मराठा समाज को आरक्षण दिलवाने के लिए करेंगे। शिंदे ने कहा कि दो दिन पहले जरांगे पाटिल से फोन पर बातचीत में आरक्षण का आश्वासन दिया था। 

    (राज्य ब्यूरो के इनपुट के साथ)