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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maharashtra Politics: शरद पवार ने क्यों की RSS की प्रशंसा, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताई असली वजह

Published: Sat, 11 Jan 2025 10:03 PM (GMT+05:30)

महाराष्ट्र की सियासत में रोज कुछ नया देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में राकंपा प्रमुख शरद पवार ...और पढ़ें

शरद पवार ने की थी आरएसएस की जमकर तारीफ।
शरद पवार ने की थी आरएसएस की जमकर तारीफ।

HighLights

  1. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाया गया झूठा नैरेटिव ध्वस्त हुआ।
  2. पिछले दिनों राकंपा प्रमुख ने आरएसएस की खूब तारीफ की थी।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रशंसा यह अहसास होने के बाद की है कि कैसे यह संगठन 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा फैलाए गए फर्जी नैरेटिव (झूठी कहानियों) से पार पाने में कामयाब रहा।

दरअसल, सीएम देवेंद्र फडणवीस के अनुसार तब विपक्ष ने दावा किया था कि भाजपा संविधान बदलने और आरक्षण समाप्त करने के लिए 400 सीटें जीतना चाहती है। भाजपा नेताओं ने बाद में माना कि इस कथन से पार्टी को कड़ी चोट पहुंची।

शरद पवार ने की थी RSS की तारीफ

बता दें कि हाल ही में शरद पवार द्वारा विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा महायुति के पक्ष में किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई है। पवार की इस प्रशंसा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फडणवीस ने कहा कि जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे थे, तो संघ से प्रेरित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अपनी भूमिका निभाई और लोकसभा चुनाव में विपक्ष द्वारा गढ़ा गया फर्जी कहानी का गुब्बारा फोड़ दिया।

फडणवीस ने कहा कि शरद पवार साहब बहुत बुद्धिमान हैं। उन्होंने निश्चित रूप से इस पहलू का अध्ययन किया होगा। उन्होंने महसूस किया कि आरएसएस कोई सामान्य राजनीतिक शक्ति नहीं बल्कि एक राष्ट्रवादी शक्ति है। फडणवीस ने आगे कहा कि किसी भी प्रतिस्पर्धा में, दूसरों की प्रशंसा करना अच्छा होता है। शायद इसीलिए पवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशंसा की होगी।

जानिए फडणवीस ने और क्या कहा?

जानकारी दें कि शनिवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए फडणवीस ने कहा कि जब जून 2022 में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब मैंने सरकार में शामिल होने के बजाय संगठन का कार्य करने की इच्छा जताई थी। लेकिन हमारे वरिष्ठ नेताओं ने हमें सरकार में शामिल होने के लिए कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें संविधानेत्तर सत्ता की तरह व्यवहार न करने को कहा।

जानिए फडणवीस ने किस नेता को बताया सख्त

वहीं, यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह में से कौन अधिक सख्त है, फडणवीस ने कहा कि मोदी बहुत अनुशासित राजनेता हैं। जबकि अमित शाह को सुविधानुसार राजनीतिक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी मना लिया जाता है। वहीं, पीएम मोदी सुविधा के लिए कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के आदेश पर उपमुख्यमंत्री बनने के फैसले से उन्हें कार्यकर्ताओं से काफी प्रशंसा मिली।

सीएम फडणवीस ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन को मिले भारी जनादेश के बाद अगर मुख्यमंत्री भाजपा का नहीं बनता तो लोग और पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं होते। उन्होंने कहा कि शिंदे ने कुछ ही मिनटों में सहमति जता दी थी कि मुख्यमंत्री भाजपा से होना चाहिए, जिसे 132 सीटें मिली हैं और वह 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के करीब है।

उद्धव ठाकरे से मुलाकात पर क्या बोले सीएम?

महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से हुई मुलाकात पर कहा कि उन्होंने घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वह बदले की राजनीति नहीं करेंगे और सभी नेताओं ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

राकांपा (शरदचंद्र पवार) और राकांपा के करीब आने या फिर से एक होने की संभावनाओं पर फडणवीस ने कहा यदि आप 2019 से 2024 तक हुए घटनाक्रमों को देखें, तो मुझे एहसास हुआ है कि कभी भी, और कुछ भी हो सकता है। उद्धव ठाकरे किसी अन्य पार्टी में चले जाते हैं और अजित पवार हमारे पास आ जाते हैं। राजनीति में कुछ भी हो सकता है, हालांकि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि ऐसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले उद्धव ठाकरे मित्र थे और अब राज ठाकरे मित्र हैं।

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