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    Maharashtra News: राज्यपाल के बयान से भाजपा का किनारा, बचाव की मुद्रा में शिंदे, सियासत गरमाते ही कोश्यारी ने दिया स्पष्टीकरण

    By Vijay KumarEdited By:
    Updated: Sat, 30 Jul 2022 10:34 PM (IST)

    Maharashtra News महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के गुजरातियों और राजस्थानियों से जुड़े बयान पर राज्य में जबर्दस्त राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। खासतौर से शिवसेना कुछ ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है। कोश्यारी का यह बयान गुजराती और राजस्थानी समाज के व्यावसायिक कौशल की तारीफ करने के लिए था।

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    बयान पर खुद को घिरते देख राज्यपाल कोश्यारी ने स्पष्टीकरण दिया

    राज्य ब्यूरो, मुंबई! महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के गुजरातियों और राजस्थानियों से जुड़े बयान पर राज्य में जबर्दस्त राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। कोश्यारी का यह बयान गुजराती और राजस्थानी समाज के व्यावसायिक कौशल की तारीफ करने के लिए था लेकिन शिवसेना ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। बयान पर खुद को घिरते देख राज्यपाल कोश्यारी ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ गुजराती एवं राजस्थानी लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए अपनी बात कही थी। इसका मतलब मराठी लोगों का अपमान करना नहीं था। मराठी लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत से महाराष्ट्र का निर्माण किया है और मुंबई तो महाराष्ट्र का गौरव है।

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    बचाव की मुद्रा में आए शिंदे

    विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बचाव की मुद्रा में ला दिया है। शिंदे ने कहा कि ये राज्यपाल के निजी विचार हैं। हम उनके बयानों का समर्थन नहीं करते। राज्यपाल को संविधान की नैतिकता का ध्यान रखते हुए ही बोलना चाहिए। हम मुंबई के लिए मुंबई वासियों एवं मराठी लोगों के योगदान को कभी नहीं भूल सकते।

    भाजपा ने नहीं किया समर्थन

    भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा कि पार्टी राज्यपाल के बयान से जरा भी सहमत नहीं है। महाराष्ट्र एवं मुंबई मराठी लोगों के परिश्रम एवं बलिदान से बनी है। किसी को इस पर अंगुली उठाने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए। उद्धव द्वारा राज्यपाल से माफी मंगवाने पर शेलार ने कहा कि शुरुआत खुद उनको करनी चाहिए। 25 वर्षो से मुंबई महानगरपालिका में सारे ठेके गैरमराठियों को दिए जा रहे हैं।

    राज्यपाल के बयान ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को भी बोलने का मौका दे दिया है। राज ने कहा कि चुनाव नजदीक आते देख किसी को अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। हम इतने नादान नहीं हैं कि आपकी हर बात पर भरोसा कर लेंगे। कांग्रेस और राकांपा की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। आम आदमी पार्टी की युवा शाखा ने अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया।

    पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल पर हमला बोल दिया। कहा कि अब समय आ गया है कि उन्हें घर भेज दिया जाए। उद्धव इतने पर ही नहीं रुके। कहा कि राज्यपाल को कोल्हापुरी चप्पल दिखाने की जरूरत है। उद्धव के सुर में सुर मिलाते हुए शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राज्य में भाजपा प्रायोजित मुख्यमंत्री बनते ही मराठी लोगों का अपमान शुरू हो गया है। राउत ने ट्वीट किया, मुख्यमंत्री शिंदे आप सुन रहे हैं क्या? आपका महाराष्ट्र अलग है क्या? आपके पास जरा भी आत्मसम्मान बचा है, तो राज्यपाल से इस्तीफा मांगिए।

    खार खाए बैठी है शिवसेना

    कोश्यारी से शिवसेना पहले से खार खाए बैठी है। महाविकास आघाड़ी के सत्ता में आने के बाद उद्धव सरकार ने विधान परिषद की राज्यपाल द्वारा नामित होने वाली 12 सीटों के लिए सूची भेजी थी। इस सूची को उद्धव सरकार जाने तक कोश्यारी ने मंजूरी नहीं दी। कई अन्य मुद्दों पर भी राज्यपाल एवं उद्धव सरकार में टकराव होता रहा था। कोश्यारी ने मारवाड़ी समाज के कार्यक्रम में शुक्रवार को कहा था कि महाराष्ट्र से, खासतौर से मुंबई और ठाणे से गुजराती और राजस्थानी समाज के लोग दूर जाने का फैसला कर लें, तो मुंबई देश की आर्थिक राजधानी नहीं रह जाएगी।