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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maharashtra: मराठा समुदाय के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया समाप्त, महाराष्ट्र CM शिंदे ने दी बधाई

Published: Sat, 27 Jan 2024 02:05 PM (IST)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा कोटा कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल और उनके सभी समर्थकों को बधाई दी क्योंकि ...और पढ़ें

मराठा समुदाय के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया समाप्त, महाराष्ट्र CM शिंदे ने दी बधाई
मराठा समुदाय के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया समाप्त, महाराष्ट्र CM शिंदे ने दी बधाई

एएनआई, नवी मुंबई (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा कोटा कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल और उनके सभी समर्थकों को बधाई दी क्योंकि राज्य सरकार ने सभी मांगें स्वीकार कर लीं हैं।

इससे पहले आज समर्थकों की भारी भीड़ के बीच जारंगे पाटिल ने शिंदे से जूस का गिलास लेकर अपना अनशन समाप्त किया। शिंदे और पाटिल ने मिलकर नवी मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माला चढ़ाई।

शिंदे ने कार्यकर्ता की मांगों पर अधिकारियों के साथ बैठक की थी और शुक्रवार रात एक मसौदा अध्यादेश के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था जिसके बाद पाटिल ने कहा कि वह अपना विरोध समाप्त कर रहे हैं।

शिंदे ने "शांतिपूर्ण विरोध" के लिए मराठा समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि पाटिल और उनके समर्थकों ने बहुत धैर्य दिखाया।

शिंदे ने कहा, हर कोई इस विरोध का इंतजार कर रहा था और आप सभी ने बहुत धैर्य दिखाया और इस विरोध को सफल बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं आप सभी को इसके लिए बधाई देता हूं।

शिंदे ने मराठा आरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और मुझे पता है कि कैसा महसूस होता है। मैंने मराठों को आरक्षण देने का संकल्प लिया था और मैंने अपना वादा निभाया। यह एक ऐतिहासिक क्षण है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे उनकी सरकार सभी के कल्याण के लिए काम कर रही है। हमने कभी भी वोट के लिए नहीं बल्कि लोगों के फायदे के लिए कोई फैसला लिया है।

उन्होंने घोषणा की कि मराठा आरक्षण पर जीत हासिल कर ली गई है। आज आप सभी की जीत का दिन है। हमने आपकी सभी मांगें मान ली हैं।

शिंदे ने इस बात पर जोर दिया कि पाटिल की मांग ओबीसी का आरक्षण छीनने की नहीं है। उन्होंने कहा, ओबीसी और मराठा गांवों में एक साथ रहते हैं। मनोज जारांगे पाटिल का मानना है कि किसी भी समुदाय के लिए आरक्षण नहीं लिया जाना चाहिए।

पाटिल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, यह संघर्ष मराठों के लिए आरक्षण के लिए था। हम यहां 54 लाख कुनबी प्रमाण पत्र देने आये हैं। हम पिछले चार महीने से संघर्ष कर रहे हैं। मेरी पीढ़ी ने इस आरक्षण को पाने के लिए संघर्ष किया। संघर्ष के दौरान 300 से अधिक लोगों ने आत्महत्या कर ली।

पाटिल ने समर्थन के लिए अपने समुदाय पर गर्व भी व्यक्त किया।

भले ही मेरी शारीरिक स्थिति उपवास का समर्थन नहीं करती, लेकिन मुझे अपने समुदाय के उन लोगों पर गर्व महसूस होता है जिन्होंने मेरी बातों का पालन किया।

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