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    Malegaon Blast Case 2008: मालेगांव ब्लास्ट मामले में सुनवाई आज, अब तक 19 गवाह बयान से पलटे

    By Babita KashyapEdited By:
    Updated: Thu, 31 Mar 2022 09:20 AM (IST)

    Malegaon blast case hearing today 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आज एनआइए की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। 29 सितंबर 2008 को एक मोटरसाइकिल में लगे विस्फोटक के फटने से लगभग 100 लोग घायल हो गए थे और छह लोगों की मौत हो गई थी।

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    Malegaon blast case: 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले एनआइए की विशेष अदालत में आज सुनवाई होगी।

    मुंबई, आनलाइन डेस्‍क। 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले एनआइए की विशेष अदालत में आज (31 March 2022) सुनवाई होगी। बता दें कि बुधवार को जज पीआर सित्रे के सामने हुई सुनवाई में गवाह ने कर्नल प्रसाद पुरोहित को पहचानने के इन्कार कर दिया था। इस मामले में अब तक 19 गवाह अपने बयान से मुकर चुके हैं।

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    जानें क्‍या है मामला

    29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के पावरलूम कस्बे मालेगांव में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगे विस्फोटक के फटने से लगभग 100 लोग घायल हो गए थे और छह लोगों की मौत हो गई थी।

    पुलिस के अनुसार, इस मोटरसाइकिल को भारतीय जनता पार्टी की नेता प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम से पंजीकृत किया गया था। इस मामले में उन्हें 2008 में भी गिरफ्तार किया गया था। लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, जो देवलाली सेना छावनी क्षेत्र में थे, को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य प्रासंगिक कानूनों के अनुसार मुकदमा चलाया जा रहा है। पुरोहित सहित सभी सात आरोपी हत्या, आपराधिक साजिश और आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं। सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी मामले के अन्य आरोपी हैं।

    जमानत के बाद आरोपियों ने दाखिल की डिस्चार्ज अर्जी

    जमानत मिलने के बाद सभी आरोपियों ने कोर्ट में डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की। 27 दिसंबर 2017 को विशेष एनआईए कोर्ट ने आरोपी के आरोपमुक्त करने की अर्जी पर फैसला सुनाया, जिसमें श्याम साहू, शिव नारायण कलसांगरा और प्रवीण ताकल्की को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। वहीं कोर्ट ने राकेश धावड़े और जगदीश म्हात्रे से कई धाराओं को हटाते हुए दोनों पर सिर्फ आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए।

    यूएपीए की धारा 18, हत्या और हत्या की साजिश की धाराएं

    वहीं, प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी, अजय रहीकर, सुधाकर चतुर्वेदी, सुधीर द्विवेदी के खिलाफ दायर MCOCA, UAPA की धारा 17, 29, 23 और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटा दी गईं, लेकिन उन पर यूएपीए की धारा 18, हत्या और हत्या की साजिश की धाराएं लगाकर आरोप तय किए गए थे। तब से ट्रायल चल रहा है।

    मामले में अब तक 220 गवाहों के हो चुके हैं बयान दर्ज

    यह उल्लेख किया जा सकता है कि एटीएस शुरू में मालेगांव विस्फोट 2008 मामले की जांच कर रही थी। जब इन गवाहों की गवाही दर्ज की गई थी। इस मामले में अब तक 220 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं।