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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manmohan Singh: किताबों से था गहरा लगाव, आरबीआइ गवर्नर रहते हुए मौका मिलते ही बुक स्टॉल पहुंच जाते थे डॉ मनमोहन

Published: Sat, 28 Dec 2024 05:30 AM (IST)Updated: Sat, 28 Dec 2024 06:55 AM (IST)

स्ट्रैंड के पूर्व कर्मचारी टी जगत ने बताया कि रिजर्व बैंक से कुछ दूरी पर स्थित बुक स्टॉल पर मनमोहन ...और पढ़ें

21 मार्च 2012 को नई दिल्ली में एक पुस्तक का विमोचन करते हुए मनमोहन सिंह (फोटो- पीटीआई)
21 मार्च 2012 को नई दिल्ली में एक पुस्तक का विमोचन करते हुए मनमोहन सिंह (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. मनमोहन सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआइ के गवर्नर थे
  2. बुक स्टॉल के एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि मृदुभाषी थे मनमोहन सिंह

 पीटीआई, मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहने के दौरान मनमोहन सिंह फोर्ट क्षेत्र में मुंबई के प्रसिद्ध स्ट्रैंड बुक स्टॉल पर महीने में एक या दो बार जाते थे और नई पुस्तकें खरीदते थे। बुक स्टॉल के एक पूर्व कर्मचारी ने मनमोहन सिंह को याद करते हुए कहा कि उस समय यह नहीं पता था कि यह मृदुभाषी पुस्तक-प्रेमी देश का प्रधानमंत्री बनेगा। मनमोहन सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआइ के गवर्नर थे।

स्ट्रैंड के पूर्व कर्मचारी टी जगत ने बताया कि रिजर्व बैंक से कुछ दूरी पर स्थित बुक स्टॉल पर मनमोहन सिंह लंच के समय बंद गला का सूट या कुर्ता-पैजामा पहने पहुंच जाते थे। जगत वर्तमान में 'किताब खाना' बुक स्टोर के मुख्य परिचालन अधिकारी हैं।

मनमोहन सिंह प्रबंधन, वित्त और अर्थव्यवस्था पर किताबें मांगते थे

मनमोहन सिंह विनम्र व्यवहार को याद करते हुए जगत ने बताया कि उस समय मैं स्ट्रैंड बुक स्टॉल में प्रबंधन और साहित्य अनुभाग संभालता था। वह प्रबंधन, वित्त और अर्थव्यवस्था पर किताबें मांगते थे।

जगत ने कहा कि हम दोपहर में उसका इंतजार करते थे, क्योंकि हमें पता था कि वह किसी भी दिन आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने एक महान अर्थशास्त्री और एक अच्छा इंसान खो दिया है।

सुबह 9.30 बजे कांग्रेस मुख्यालय से निकलेगी अंतिम यात्रा

मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर सुबह करीब आठ बजे उनके सरकारी आवास से कांग्रेस मुख्यालय लाया जाएगा। पिछले दस वर्षों से वह इसी बंगले में रह रहे थे। पार्टी मुख्यालय पर उनका पार्थिव शरीर करीब डेढ़ घंटे पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं व प्रशंसकों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। करीब 9.30 बजे पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

विभिन्न दलों के नेताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत अनेक केंद्रीय मंत्री भी शामिल रहे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी दिल्ली आकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनके अंतिम दर्शन किए।

कैबिनेट ने सम्मान में पारित किया प्रस्ताव, सात दिन का राजकीय शोक

डॉ. सिंह को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी श्रद्धांजलि दी गई। कैबिनेट ने उन्हें एक ऐसा विलक्षण राजनेता, प्रख्यात अर्थशास्त्री बताया जिसने राष्ट्रीय जीवन में गहरी छाप छोड़ी।

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