Antilia Bomb Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रियाजुद्दीन काजी को दी जमानत, देश छोड़ने की इजाजत नहीं
Riyazuddin Kazi Bail एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन मौत मामले में गिरफ्तार बर्खास्त पुलिस अधिकारी रियाजुद्दीन काजी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने काजी को देश से बाहर नहीं जाने का आदेश देते हुए उनका पासपोर्ट जब्त करने का निर्देश दिया है।
मुंबई, एएनआई। Bombay HC Grants Bail to Riyazuddin Kazi: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने शुक्रवार को निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक रियाजुद्दीन काजी (Riyazuddin Kazi) को जमानत दे दी। काजी वर्तमान में एंटीलिया बम कांड (Antilia Bomb Case) मामले और 2021 में व्यवसायी मनसुख हिरेन (Mansukh Hiran) की मौत के मामले में जेल में बंद है। बर्खास्त पुलिसकर्मी रियाजुद्दीन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें 25 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी है। जमानत की शर्त के तहत काजी को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा।
पुलिस सेवा से बर्खास्त
उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास एक वाहन में विस्फोटक मिलने में रियाजुद्दीन काजी की भूमिका की बात सामने आई थी। इसके साथ ही मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में सचिन वाजे के साथ मिलकर सबूतों को नष्ट करने में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। एनआईए की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले के अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों की तरह काजी को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। काजाी के खिलाफ धारा 120बी (षड्यंत्र) 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जानें पूरा घटनाक्रम
25 फरवरी 2021 को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी स्कॉर्पियो मिली थी। इसके अंदर अंबानी परिवार के लिए लिखा गया धमकी भरा खत था। साथ ही कुछ नंबर प्लेट्स मिली थीं, जो अंबानी के काफिले में चलने वाली गाड़ियों से मिलती-जुलती थीं। 27 फरवरी को ठाणे में रहने वाले कार के स्पेयर पार्ट्स की दुकान के मालिक मनसुख हिरेन ने दावा किया कि स्कॉर्पियो उनकी थी। उन्होंने बताया कि 17 फरवरी को तकनीकी खामी की वजह से स्कॉर्पियों को विक्रोली में छोड़ दिया था। इसके बाद 5 मार्च को मनसुख का शव मुंब्रा खाड़ी में संदिग्ध अवस्था में मिला था।
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