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    Maharashtra: अफजल खान की कब्र के पास जारी अतिक्रमण विरोधी अभियान, बाम्‍बे हाइकोर्ट ने दिया था आदेश

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Thu, 10 Nov 2022 11:05 AM (IST)

    बॉम्‍बे हाइकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए अफजल खान की कब्र के पास आज अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इस पर विवाद काफी लंबे समय से चला रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने बाघनखा से अफजल खान की हत्‍या की थी।

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    सातारा जिले में प्रतापगढ़ किले की तलहटी पर अफजल खान की कब्र

    मुंबई, मिड डे। सातारा जिले में प्रतापगढ़ किले की तलहटी पर बनी अफजल खान (Afzal Khan) की कब्र को लेकर विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है, जिसकी मराठा साम्राज्‍य के संस्‍थापक छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhtrapati Shivaji Maharaj) ने बाघनखा से हत्‍या कर दी थी। दो दशक से अधिक लंबे समय तक यह कब्र जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में रहा, लेकिन फिर साल 2000 में मुस्लिमों ने इस कब्र पर दावा करते हुए यहां एक शेल्‍टर बनाने का फैसला किया।

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    मिली जानकारी के मुताबिक, राज्‍य के वन विभाग ने इसके लिए दरगाह ट्रस्‍ट को कब्र के आसपास की थोड़ी जमीन का आवंटन किया था। लेकिन बीते दस सालों में इसकी स्‍थायी संरचना का धीरे-धीरे विस्‍तार होने लगा। इतना ही नहीं, हजरत मोहम्मद अफजल खान मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर किले के आसपास वन विभाग की लगभग 5,500 वर्ग फुट की जमीन पर कब्‍जा जमा लिया गया।

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    साल 2004 ने विश्‍व हिंदू परिषद ने कब्र के नाम पर किए गए इस अवैध कब्‍जे के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस पर विवाद बढ़ता गया तो साल 2007 में प्रतापगढ़ उत्सव समिति के स्थानीय नगरसेवक मिलिंद एकबोटे की अध्यक्षता में बॉम्‍बे हाइकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें कब्र पर दरगाह को हटाने की मांग की गई थी। इस पर सुनवाई हुई और आखिर में न्‍यायमूर्ति जेएन पटेल और न्‍यायमूर्ति एस के कथावाला की पीठ ने कब्र पर अवैध ढांचे को गिराने का आदेश यह कहते हुए दिया कि जमीन वन विभाग की है और इस पर किसी भी निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

    हालांकि, राज्‍य सरकार के इस आदेश को अनसुना करने के बाद फिर से जनहित याचिका दायर की गई और आखिरकार साल 2017 में बॉम्‍बे हाइकोर्ट ने राज्‍य सरकार को अवैध ढांचे को गिराने का अल्‍टीमेटम दिया। इसी सिलसिले में आज अफजल खान की कब्र के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान (Anti-encroachment drive) चलाया जा रहा है।

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