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    Raksha Bandhan 2024: भगवान महाकाल को सबसे पहले बांधी गई राखी, रक्षाबंधन पर देखें भस्म आरती की Video

    Updated: Mon, 19 Aug 2024 08:53 AM (IST)

    मध्यरात्रि 2.30 बजे महाकाल की भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधी गई। इसके बाद भगवान को सवा लाख लड्डूओं का महाभोग लगाया गया और आरती की गई। इसके बाद शिव के भक्तों को दिनभर लड्डू महाप्रसा बांटा जाएगा। वहीं आज श्रावण मास की आखिरी सवारी है। इसके बाद 26 अगस्त को भादौ मास की पहली और 2 सितंबर को श्रावण-भादौ मास की शाही सवारी निकलेगी।

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    मध्यरात्रि 2.30 बजे महाकाल की भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधी गई।

    जेएनएन, उज्जैन। आज पूरे देश में रक्षा बंधन का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वहीं, आज श्रावण मास का आखिरी सोमवार भी है। उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा पर सोमवार को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा।

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    रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि 2.30 बजे महाकाल की भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधी गई। इसके बाद भगवान को सवा लाख लड्डूओं का महाभोग लगाया गया और आरती की गई। इसके बाद शिव के भक्तों को दिनभर लड्डू महाप्रसा बांटा जाएगा।

    लगाया गया सवा लाख लड्डुओं का भोग

    ज्योतिर्लिंग की पूजा परंपरा में श्रावण महीने के दौरान भस्म आरती करने वाले पुजारी भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाते हैं। इस बार शासकीय पुजारी पं.घनश्याम शर्मा, पं.आशीष पुजारी, पं.संजय पुजारी, पं.विकास पुजारी के परिवार द्वारा भस्म आरती की गई। उन्हीं के द्वारा भगवान को महाभोग लगाया गया।

    राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

    • दोपहर 1.30 से 3 बजे तक चंचल
    • दोपहर 3.00 से शाम 4.30 बजे तक लाभ
    • शाम 4.30 से शाम 6.00 बजे तक अमृत
    • शाम 6.00 से शाम 7.00 बजे तक गोधूलि वेला

    आज श्रावण मास की आखिरी सवारी

    आज श्रावण मास की आखिरी सवारी है। इसके बाद 26 अगस्त को भादौ मास की पहली और 2 सितंबर को श्रावण-भादौ मास की शाही सवारी निकलेगी। श्रावण मास की आखिरी सवारी में भक्तों को भगवान महाकाल के होल्कर मुखारविंद के दर्शन होंगे। इस सवारी में मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव भी शामिल होंगे। महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे परंपरा अनुसार शाही ठाठ बाट से सवारी की शुरुआत होगी।

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