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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो दिन बाद जागा RPF! खंडवा में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पटाखों से ब्लास्ट का मामला अब गर्माया

Published: Sun, 22 Sep 2024 03:19 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 22 Sep 2024 04:46 PM (GMT+05:30)

Khandwa firecracker blast खंडवा में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही एक स्पेशल ट्रेन गुजरने के दौरान ...और पढ़ें

Khandwa firecracker blast दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पटाखों के ब्लास्ट से खलबली। (फाइल फोटो)
Khandwa firecracker blast दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पटाखों के ब्लास्ट से खलबली। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 18 सितंबर को खंडवा से गुजरी थी ये स्पेशल ट्रेन।
  2. अचानक पटाखों के ब्लास्ट की आवाज से मचा था हड़कंप।

जेएनएन, खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में रेलवे ट्रैक पर साजिश रचने की बात सामने आई है। सागफाटा-डोंगरगांव रेलवे स्टेशन के बीच दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही एक स्पेशल ट्रेन गुजरने के दौरान पटाखों के ब्लास्ट से खलबली मच गई। 

हालांकि, इसको लेकर आरपीएफ व अन्य एजेंसियों ने दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन बाद में सक्रिय हो गई। मामले में कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। रेलवे ने इस मामले को बेहद संवेदनशीलता से लिया है।

18 सितंबर का है मामला

जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही स्पेशल ट्रेन 18 सितंबर को करीब 2.30 बजे गुजरी तो अचानक पटाखों के लगातार ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी। इस पर सागफाटा स्टेशन पर लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को मेमो दिया। सागफाटा में ये ट्रेन वैसे रुकती नहीं है, लेकिन घटना की जानकारी देने के लिए कुछ देर ट्रेन को रोका गया।

दो दिन बाद जागा आरपीएफ

इसके बाद भुसावल रेलवे स्टेशन मैनेजर को भी शिकायत दर्ज करवाई। करीब दो दिन तक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन मामला उजागर होने के बाद आरपीएफ कमांडेंट भुसावल सहित विभिन्न जांच एजेंसियों ने इसको गंभीरता से लेते हुए शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया।

रेलवे अधिकारी नहीं बोल रहे कुछ

रेलवे सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के आधार पर रेलवे कर्मचारियों से संदेह के आधार पर पूछताछ भी की जा रही है। इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए फिलहाल रेलवे व जांच एजेंसी के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।