कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत यूं तो कंपनियां कई तरह के काम करती रहती है, लेकिन शहर के युवा इंजीनियर और आईटी कंपनी के संचालक राकेश जैन वर्ष 2008 से समाज को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने का काम कर रहे हैं। इन्हें शहर का सोशल आंत्रप्रेन्योर कहा जाता है।

आईटी कंपनी संचालित करने के साथ शहर की जनता की सुरक्षा को बेहतर करने के साथ शिक्षा और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए वे अभियान चला रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और शहरवासियों को आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए उन्होंने सिटीजन कॉप नामक ऐप्लिकेशन बनाई। अब इस ऐप का उपयोग करने वालों की संख्या 3 लाख 75 हजार से ज्यादा है।

परिवार के सदस्यों की लोकेशन तलाशने, चोरी हुए मोबाइल की शिकायत करने और आपातकाल में प्रशासन के अधिकारियों से सीधे संवाद ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। हाल ही में ग्रीन जेनी ऐप लांच किया गया है। इसके तहत शहर के 60 हजार पौधों की पहचान हमेशा के लिए क्यूआर कोड लगाकर तय कर दी गई है। ऐप के माध्यम से आगे भी पौधा लगाने वाले का नाम, पौधे का जन्मदिन और अन्य जानकारी ऐप की सहायता सुरक्षित कर सकते हैं।

सीएसआर के तहत राकेश जैन ने आहार नाम से ऐप शुरू किया है। इसके तहत शहर की जिन संस्थानों में खाने-पीने की सामग्री बचती है, उसे जरूरतमंद लोगों तक इसे पहुंचाया जा सकता है। सरकार के साथ भी शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ऐप बना चुके हैं। इसे 70 हजार शिक्षक उपयोग कर रहे हैं।

एमपी जीएसटी ऐप भी राकेश जैन और उनकी टीम ने बनाया है। वे चलो पढ़ाएं, देश बढ़ाएं को लेकर भी प्रदेश में आत्महत्या रोकने के लिए अभियान चला चुके हैं। साथ ही साइबर क्राइम कम करने के लिए पुलिस के साथ काम कर चुके हैं। एमपी टूरिज्म को तकनीकी सपोर्ट देकर प्रदेश भर के टूरिज्म स्पॉट की जानकारी राकेश जैन की टीम द्वारा बनाए गए ऐप से दी जा रही है।

प्रदेश भर के शहरों में प्रदूषण की मॉनिटरिंग के लिए भी पोल्यूशन मीटर नाम से ऐप बनाकर गवर्नमेंट को दे चुके हैं। यातायात सुरक्षा के लिए भी सिटीजन फाउंडेशन काम कर रहा है। जैन फाउंडेशन के चेयरमैन है, उनका कहना है अगले सालों में भी वे सुरक्षा, स्वच्छ भारत, ग्रीन अर्थ, प्रदूषण जागरूकता, शिक्षा, यातायात सुरक्षा, साइबर क्राइम और अन्य सामाजिक कामों के लिए सीएसआर करते रहेंगे।

शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने में भी सिटीजन फाउंडेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐप पर हर वाहन और इसके चालक की जानकारी एकत्रित की गई है। आपातकाल में यात्री अगर पुलिस की मदद चाहता है तो सिटीजन कॉप ऐप पर एसओएस सर्विस का उपयोग करके आसपास के पुलिस थानों और अधिकारियों से सुरक्षा की मांग कर सकते हैं।

इस सर्विस के माध्यम से अपने आप अधिकारियों के मोबाइल पर आपात स्थिति में फंसे यात्री की लोकेशन पहुंच जाती है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए ऐप पर ऐसे फीचर दिए गए हैं, जिससे एक क्लिक पर पता किया जा सकता है कि परिवार का सदस्य किस समय कहां है। स्कूल और कॉलेज में भी जाकर फाउंडेशन साइबर क्राइम से बचने की अपील कर रहे हैं।

By Nandlal Sharma