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    इंदौर में मजदूरों की झोपड़ियों में लगी आग, अंदर रो रही डेढ़ साल की बच्‍ची को लोगों ने बचाया

    By Babita KashyapEdited By:
    Updated: Thu, 02 Dec 2021 09:25 AM (IST)

    इंदौर में सोमवार को बाम्‍बे अस्‍पताल के पीछे के हिस्‍से में बनी झोपड़ियों में आग लग गई। ये घटना सोमवार की है। आग लगने से चार परिवार के 17 लोग बेघर हो गए हैं। जब तक दमकल वाहन मौके पर पहुंचे तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।

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    झोपड़ियों में आग लगने से चार परिवारों के 17 सदस्‍य बेघर हो गए।

    इंदौर, जेएनएन। इंदौर के बाम्‍बे अस्‍पताल के पिछले हिस्‍से में बनी झोपड़ियों में आग लगने से चार परिवारों के 17 सदस्‍य बेघर हो गए। ये घटना बीते सोमवार की है। जब तक दमकल वाहन मौके पर पहुंचे सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग जिस समय लगी उस समय सभी मजदूर काम पर गए हुए थे और उनके बच्‍चे झोपड़ियों के बाहर खेल रहे थे। उसी समय एक झोपड़ी में डेढ़ साल की बच्‍ची वैशाली सो रही थी उसके माता और पिता मजदूरी करने गए हुए थे।

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    झोपड़ी में जिस समय आग लग उस समय वो बच्‍ची अंदर ही सो रही थी तभी उसके रोने की आवाज आने लगी। आग बुझाने के लिए आस पास के लोग वहां पहुंचे और बच्‍ची को झोपड़ी में से निकाला और उसकी जान बचाई। लोगों ने आग की सूचना दमकल विभाग को दी लेकिन जब तक दमकल कर्मी घटना स्‍थल पर पहुंचे झोपड़ियों जलक खाक हो चुकी थी।

    यहां रहने वाले मजदूर राजू से मिली जानकारी के अनुसार ये चार परिवार 12 साल से इन झोपड़ियों में रह रहे हैं। ये लोग कुक्षी के रहने वाले हैं और यहां रहकर मजदूरी करते है। सभी मजदूर बुधवार को अपने काम पर चले गए थे । आग लगने की वजह से झोपड़ियों में रखा खाना - पीना और अन्‍य सामान जलकर पूरी तरह से तबाह हो गया था। ठंड और बारिश से छिपने के लिए जगह न होने के कारण इन्‍हें गुरु सेवा आश्रम में रखा गया है। इन झोपड़ियों में पर साजन चौधरी, राजू, कैलाश और वीरेन्द्र अपने परिवार के साथ रहते थे। बच्‍चों का घर पर ही छोड़ कर सुबह ही मजदूरी करने निकल जाते थे। झोपड़ियां जलने के बाद अब इनके पास सिर छिपाने के लिए भी जगह नहीं बची है। इसलिए इन्‍हीं गुरु सेवा आश्रम में भेजा गया है।