Online Extortion: न्यूड वीडियो काल के जाल में फंसे बुजुर्ग, बदनामी के डर से दी जान; रुपयों की मांग कर रहा था ब्लैकमेलर
सेक्सटार्शन गैंग के जाल में फंसे बुजुर्ग ने ब्लैकमलिंग से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गैंग के लोग न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे थे। बुजुर्ग के मोबाइल में कुसुम जयपुर के नाम से नंबर सुरक्षित मिला।

इंदौर, जेएनएन। निजी कालेज के 63 वर्षीय स्टोर मैनेजर सेक्सटार्शन गैंग के जाल में फंस गए और ब्लैकमलिंग से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गैंग के लोग न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे थे। बुजुर्ग के मोबाइल में कुसुम जयपुर के नाम से नंबर सुरक्षित मिला, जिससे वाट्सएप पर ब्लैकमेलिंग की चैटिंग हुई थी। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और काल डिटेल व आइपी एड्रेस के आधार पर जांच कर रही है।
एसीपी रबिना मिजवानी के मुताबिक बुजुर्ग फ्लाइंग क्लब से चार साल पूर्व सेवानिवृत हुए और आइपीएस कालेज राजेंद्रनगर में नौकरी करने लगे। वह कालेज परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में ही रहते थे। उनकी पत्नी और बेटा शहर के निपानिया क्षेत्र में रहते हैं। शुक्रवार शाम उनकी बेटी ने उन्हें काल लगाई तो पिता ने रिसीव नहीं किया। बेटी को शक हुआ तो वह खुद उन्हें देखने पहुंच गई। उसने भाई को भी बुला लिया था। स्वजन व कालेज स्टाफ को बुजुर्ग मृत अवस्था में मिले।
एसीपी के मुताबिक उनकी गुरुवार से ही वाट्सएप पर चैटिंग हो रही थी। ब्लैकमेलर ने पहले उत्तेजक बातें कर उनका न्यूड वीडियो बनाया और बाद में रुपए मांगे। बुजुर्ग ने उससे कहा कि मेरा भतीजा साइबर एक्सपर्ट है। वह शिकायत कर उसे गिरफ्तार करवा देंगे। इसके थोड़ी देर बाद ब्लैकमेलर ने कहा कि अब उसने वीडियो अपलोड कर दिया है। बुजुर्ग ने उसका नंबर ब्लाक किया और आधा घंटे बाद फांसी लगाकर जान दे दी।
डेटिंग और मैट्रिमोनियल साइट्स के नोटिफिकेशन मिले
पुलिस पहले आत्महत्या का कारण तनाव समझ रही थी। पुलिस ने जब मोबाइल खोला तो उनके मेल में डेटिंग साइट्स और मेट्रिमोनियल साइट्स के नोटिफिकेशन मिले। वे अकेलापन महसूस करते थे। उन्होंने जीवनसाथी डाट काम व अन्य साइट्स पर प्रोफाइल अपडेट कर रखी थी। इसी से शक गहराया। कुसुम जयपुर की चैटिंग से स्पष्ट हो गया कि आत्महत्या सेक्सटार्शन गिरोह के कारण ही की है।
राजस्थान-मेवात का गिरोह करता है ब्लैकमेल
सेक्सटार्शन गैंग में कई कारोबारी और अफसर फंस चुके हैं। पहले हरियाणा के मेवात का गिरोह ही इस प्रकार से रुपए वसूलता था, लेकिन अब राजस्थान के धौलपुर, भरतपुर, करौली व झारखंड के ठग भी यह तरकीब अपनाने लगे हैं।

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