यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Madhya Pradesh: मंदिर के बंद कपाट देख नहीं लौटी उमा भारती, सुबह तक किया इंतजार
मध्य प्रदेश के सलकनपुर में मां विजयासन देवी (Maa Vijayasan Devi) के दर्शन करने पहुंची उमा भारती (Uma Bharti) को ...और पढ़ें

सीहोर, जागरण आनलाइन डेस्क। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) प्रसिद्ध देवी मंदिर सलकनपुर (Salkanpur) पहुंचीं। वह रात में ही मां के दर्शन करना चाहती थी, लेकिन मंदिर के कपाट बंद होने के कारण वह देख नहीं पाई।
इसके बाद उन्होंने सुबह मंदिर ट्रस्ट के सामने ही मंदिर जाने की इच्छा जताई, लेकिन मंदिर में रहने की कोई परंपरा नहीं है। जिसके चलते कमेटी ने उन्हें पहाड़ से नीचे रहने के लिए कहा। इस पर उमा भारती मंदिर के पास स्थित शिव मंदिर में रुकी और सुबह मातरानी के दर्शन किए।
उमा भारती ने जतायी मां के दर्शन की इच्छा
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महेश उपाध्याय (अध्यक्ष, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट ) ने कहा कि मंगलवार को ग्रहण के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। वहीं, नियमानुसार रात 8 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सभी लोग इसके बाद पहाड़ से नीचे उतर आते हैं। जब उमा भारती वहां पहुंची तो उन्होंने दर्शन करने की इच्छा जताई।
इस पर उन्हें मंदिर के नियमों के बारे में बताया गया। इस पर उन्होंने मंदिर परिसर में ही रहने की मंशा जाहिर की। तब ट्रस्ट के लोगों ने उनसे कहा कि मंदिर की पहाड़ी पर रात के समय कोई नहीं ठहरता। तब उमा भारती ने पास में स्थित शिव मंदिर में रात्रि विश्राम करने का निश्चय किया। वह रात भर वहीं रहीं और सुबह दर्शन किए।
शिव मंदिर परिसर में धरने की फैली अफवाह
इसके बाद यह अफवाह इंटरनेट मीडिया पर आग की तरह फैल गई कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रात में सलकनपुर पहुंचीं थी लेकिन कपाट बंद होने की वजह से दर्शन नहीं होने पर उन्होंने शिव मंदिर परिसर में धरना दे दिया। रात भर सलकनपुर में पुलिस प्रशासन व मंदिर समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुबह उमा भारती ने मां विजयासन के दर्शन किए। इस मामले को लेकर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने कहा कि उमा भारती परंपराओं का पालन करती हैं और पूरी तरह से धार्मिक नियमों केा मानती हैं। उन्होंने श्रद्धा के साथ ट्रस्ट और मंदिर के सभी नियमों का पालन किया।
