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बच्चों के लिए आई खुशखबरी, सप्ताह में एक दिन बिना बैग के जाना होगा स्कूल, मध्य प्रदेश में स्कूल बैग पॉलिसी हुई लागू

प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बिना स्कूल बैग के कक्षाएं लगाई जाएंगी। दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शासन ने स्कूलों में बस्ते का वजन तय कर दिया है। इसके संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2022 में आदेश जारी किए थे। अब नए शैक्षणिक सत्र से सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

By Jagran News Edited By: Versha Singh Published: Sat, 24 Feb 2024 01:29 PM (IST)Updated: Sat, 24 Feb 2024 01:29 PM (IST)
बच्चों के लिए आई खुशखबरी, सप्ताह में एक दिन बिना बैग के जाना होगा स्कूल, मध्य प्रदेश में स्कूल बैग पॉलिसी हुई लागू
मध्य प्रदेश में स्कूल बैग पॉलिसी हुई लागू (फाइल फोटो)

ऑनलाइन डेस्क, भोपाल (मध्य प्रदेश)। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बिना स्कूल बैग के कक्षाएं लगाई जाएंगी। दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शासन ने स्कूलों में बस्ते का वजन तय कर दिया है। इसके संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2022 में आदेश जारी किए थे। अब नए शैक्षणिक सत्र से सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मध्य प्रदेश होगा शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला राज्य

बता दें, कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। इसके तहत स्कूलों में बस्ते के वजन को कम करना है। बस्ते के वजन को कम करने के लिए करीब दो साल पहले सितंबर 2022 में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसका स्कूलों में पालन नहीं किया जा रहा है।

नवीन दिशा-निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने जारी किए हैं। विभाग ने आदेश में कहा है कि विद्यार्थी के बस्ते का वजन निर्धारित सीमा में ही है इसके लिए जिले के जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक तीन माह में शासकीय/अशासकीय/अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के स्कूल बैग की जांच कराएंगे।

बच्चों की पढ़ाई के भी घंटे हुए तय

विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के घंटे भी तय किए है। दूसरी तक के विद्यार्थियों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह दो घंटे, छठवीं से आठवीं तक प्रतिदिन एक घंटे और नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो घंटे का ही होमवर्क दिया जाएगा।

प्रत्येक स्कूल को नोटिस बोर्ड एवं कक्ष में बस्ते के वजन का चार्ट प्रदर्शित करना होगा। स्कूल डायरी का वजन भी बस्ते के वजन में ही शामिल किया गया है। साथ ही शाला प्रबंधन समिति के द्वारा ऐसी समय-सारणी तैयार की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन सभी पुस्तकें/ अभ्यास पुस्तिकाएं/ कापियां नहीं लानी पड़े और बस्ते का वजन निर्धारित सीमा से अधिक न हो।

प्रबंधन द्वारा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अभ्यास पुस्तिकाएं, वर्क बुक एवं अन्य आवश्यक सामग्री को स्कूल में ही रखने की व्यवस्था करना होगी। कंप्यूटर, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य शारीरिक शिक्षा खेल एवं कला की कक्षाएं बिना पुस्तकों के ही लगाई जाएगी।

यह रहेगा बस्ते का वजन

कक्षा    वजन(किग्रा)

पहली- 1.6-2.2

दूसरी- 1.6-2.2

तीसरी- 1.7-2.5

चौथी- 1.7-2.5

पांचवी- 1.7-2.5

छठवीं 2.0-3.0

सातवीं- 2.0-3.0

आठवी 2.5-4.0

नौवी 2.5-4.5

दसवी 2.5-4.5

11वीं में बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाएगा।

12वीं में बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाएगा।

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