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    Diwali 2022: 501 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, पांच नही इस बार छह दिन मनेगा दीपोत्‍सव

    By Jagran NewsEdited By: Babita Kashyap
    Updated: Thu, 20 Oct 2022 11:33 AM (IST)

    Diwali 2022 दीपावली पर तीन ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग वर्ष 2022 से पहले 1521 में बना था। धनतेरस (Dhanteras 2022) इस बार 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा और छोटी दीपावली यानी रूप चौदस 23 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

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    Diwali 2022: दीपावली पर तीन ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग वर्ष 2022 से पहले 1521 में बना था।

    भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्‍क। Diwali 2022: इस साल दिवाली उत्‍सव पांच दिनों के बजाय छह दिन मनाया जाएगा। यह पांच सदियों के बाद हो रहा है। दीपावली के दिन गुरु अपनी ही राशि मीन राशि में रहेगा और शनि अपनी ही राशि मकर में रहेगा, जबकि शुक्र ग्रह तुला राशि में रहेगा।

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    पंडित रामजीवन दुबे के अनुसार दीपावली पर तीन ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग वर्ष 2022 से पहले 1521 में बना था। यह विशेष संयोग 501 साल बाद हो रहा है। धनतेरस इस बार 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा और छोटी दीपावली यानी रूप चौदस 23 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

    दीपावली का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा, वहीं कार्तिक कृष्ण अमावस्या भी 25 अक्टूबर को होगी और इस दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। 26 अक्‍टूबर को अन्नकूट व गोवर्धन पूजा और 27 को भैया दूज पर्व मनाया जाएगा।

    देवी लक्ष्‍मी कार्तिक अमावस्या को धरती पर विचरण करती हैं

    पंडित रामजीवन दुबे के अनुसार पांच दिन का पर्व दीपावली इस बार छह दिन मनाया जाएगा। 22 अक्‍टूबर को धनतेरस से दीप पर्व शुरू होकर 27 अक्टूबर को भाई दूज पर समाप्त होगा। सूर्यास्त के एक घंटे बाद तक अमावस्या तिथि रहती है, दीपावली उसी दिन मनाई जाती है। ऐसी मान्‍यता है कि देवी लक्ष्मी कार्तिक अमावस्या के दिन धरती पर आती हैं और रात को धरती पर विचरण करती है। इसलिए इस पर्व को अमावस्या की रात को मनाना उचित माना गया है।

    लक्ष्‍मी पूजन व अमावस्‍या तिथि

    24 अक्टूबर दोपहर 4:34 बजे अमावस्‍या तिथि प्रारंभ हो जाएगी और अगले दिन 25 अक्‍टूबर दोपहर 4:40 बजे तक रहेगी। मां लक्ष्‍मी का पूजन सोमवार 24 अक्‍टूबर को होगा।

    धनतेरस 2022 तारीख

    त्रयोदशी तिथि 22 अक्टूबर को शाम 4:4 बजे से 23 अक्टूबर को शाम 4:35 बजे तक चलेगी। 22 अक्‍टूबर को प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। ऐसे में धनतेरस 22 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा, क्योंकि प्रदोष के दिन ही धनतेरस रहता है।

    नरक चौदस और रूप चतुर्दशी

    23 अक्टूबर 2022 को शाम 4:35 बजे से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। 24 अक्टूबर 2022 को नरक चतुर्दशी तिथि शाम 04:34 बजे समाप्त होगी। इस वर्ष नरक चतुर्दशी, रूप चौदस यमदीप दान सब एक ही दिन 23 अक्टूबर 2022 को मनाया जाएगा।

    अभ्यंग स्नान मुहूर्त 

    प्रात: 05:08 से 06:31 तक (24 अक्टूबर 2022)। अवधि 01 घंटा 23 मिनट तक रहेगा।