पीथमपुर में बवाल के बाद पुलिस का एक्शन; लोगों को घरों में किया कैद; विरोध जारी
भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड का कचरा नष्ट करने की तैयारी है। इसके लिए जहरीले कचरे को भोपाल से पीथमपुर लाया गया है। हालांकि यहां पर स्थानीय लोगों ने कचरे के निपटान का विरोध कर रहे हैं। पिछले दिनों ग्रामीणों ने उपद्रव भी किया जिसके बाद पुलिस ने सख्ती की है और बवाल करने वाले कुछ लोगों को घरों में कैद कर दिया है।

जेएनएन, भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष बाद यूनियन कार्बाइड का कचरा नष्ट करने के विरोध में धार के पीथमपुर में बीते दो दिन हुए बवाल के बाद रविवार को पुलिस-प्रशासन सख्ती पर उतर आया। बवाल करने वाले कई अज्ञात पर प्राथमिकी के साथ ही संयंत्र से सटे गांव तारपुरा के लोगों को चिह्नित कर उन्हें घरों में कैद कर दिया है।
100 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लागू
गलियों और मोहल्लों में पुलिस बल तैनात है। स्थिति यह है कि लोग छतों तक पर नहीं जा पा रहे हैं। संयंत्र के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। हालांकि, प्रमुख बाजारों में शांति है, लेकिन वहां भी जगह-जगह पुलिस तैनात है। संभागायुक्त, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक हालात का जायजा ले रहे हैं।
सोमवार को कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
उधर, सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर स्थित मुख्य पीठ में कचरे के निष्पादन पर राज्य सरकार को अब तक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करनी है। शासन स्तर पर इसकी तैयारी की गई है। अलबत्ता, विरोध के चलते अब तक पीथमपुर में कचरे का निष्पादन न किए जाने का कारण भी सरकार हाई कोर्ट में बताएगी। वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए कोर्ट से अग्रिम आदेश का अनुरोध किया जाएगा, ऐसा शासन स्तर के अधिकारियों का कहना है।
पीथमपुर के लोगों ने किया विरोध
बता दें कि पीथमपुर के लोग रासायनिक कचरे से जनहानि की आशंका जाहिर करते हुए विरोध कर रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से उन्हें लगातार आश्वस्त किया जा रहा है कि विशेषज्ञों की निगरानी में निस्तारण का निर्णय लिया गया है। विशेषज्ञों ने संतुष्ट किया है कि कचरे को नष्ट करने से जलवायु को कोई नुकसान नहीं होगा।
उधर, पीथमपुर के लोग कचरे को कहीं और नष्ट करने की मांग पर अड़े हुए हैं। नतीजा, भोपाल से 337 टन कचरा लेकर आए सभी 12 कंटेनर चार दिनों से पीथमपुर स्थित उस संयंत्र में ही खड़े हैं, जहां उसे नष्ट करने का निर्णय लिया गया है। कचरा संयंत्र में उतरने न पाए, इसके लिए शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने पीथमपुर बंद रखा। उग्र प्रदर्शन किया, जाम लगाया, पथराव किया। दो भाजपा कार्यकर्ताओं ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। शनिवार को भी आंदोलनकारियों ने संयंत्र पर पथराव किया।
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