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    25 दिसंबर को छतरपुर के दौरे पर होंगे पीएम मोदी, देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना का करेंगे शिलान्यास

    Updated: Thu, 12 Dec 2024 08:13 PM (IST)

    Ken-Betwa River Link Project प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा परियोजना का शिलान्यास करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर में इसका शिलान्यास किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने बताया कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में 8.11 और उत्तर प्रदेश के 2.51 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

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    सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को पीएम मोदी से की थी मुलाकात। (Photo- ANI)

    जेएनएन, भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को आपस में जोड़ने की जो पहल की थी, वह अब जमीन पर उतर रही है। देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर में करेंगे।

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    इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होगी। इसके पहले 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा। इससे प्रदेश की 6.13 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

    इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी

    24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। प्रदेश सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर 40 दिन के जनकल्याण अभियान में आपकी सरकार-आपके द्वार होगी। इसमें घर-घर जोकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मीडिया से चर्चा में दी।

    उन्होंने बताया कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र में 8.11 और उत्तर प्रदेश के 2.51 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई और 62 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। खेती के साथ-साथ उद्योग-धंधे विकसित होंगे, जिससे छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर जिले की आर्थिक स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन होगा। परियोजना के लिए भूमि देने के साथ अन्य प्रक्रियाएं कर ली गई हैं।

    बदलेगी चंबल क्षेत्र की दशा और दिशा

    सीएम के अनुसार, इसी तरह वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना पूरे चंबल क्षेत्र की दशा और दिशा बदल देगी। इसका लाभ गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना जिले को मिलेगा। यहां 6.13 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव से खुले रोजगार के द्वार-प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश बढ़ाने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव से रोजगार के द्वार खुलेंगे।

    उन्होने बताया कि अभी तक चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे तीन लाख लोगों को रोजगार मिलना संभावित है। एक लाख रिक्त सरकारी पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग में 46,491 पद स्वीकृत किए गए हैं। पांच वर्ष में ढाई लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी। 24-25 फरवरी 20245 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रधानमंत्री ने आने की सहमति दी है।

    गरीब, किसान और महिला का सशक्तीकरण प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब, किसान और महिला का सशक्तीकरण करना है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है तो लाड़ली बहना योजना के माध्यम से 1.29 करोड़ महिलाओं के खातों में 19,212 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। हुकुम चंद मिल के 4,800 श्रमिक परिवारों को बरसों से लंबित 224 करोड़ रुपये का भुगतान करने के साथ यह निर्णय लिया है कि जिस भी मिल के श्रमिकों का बकाया है, उसका भी भुगतान किया जाएगा। गेहूं के उपार्जन पर 125 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के साथ सोयाबीन 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का निर्णय लिया गया। किसी भी योजना का बंद नहीं किया गया।

    हर निकाय में बनेंगे गीता भवन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाया है। समाज के साथ मिलकर त्योहार मनाए गए तो हर निकाय में गीता भवन बनाए जाएंगे। राम वन गमन पथ के साथ श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जाएगा। अनियंत्रित ध्वनि विस्तारक यंत्रों और खुले में मांस विक्रय को प्रतिबंधित किया गया।

    किसानों को दिए जाएंगे सवा लाख सौर ऊर्जा पंप

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि प्रदेश के एक लाख 25 हजार अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने वाले किसानों को अब सौर ऊर्जा के पंप दिए जाएंगे। इससे सरकार बिजली पर 15 हजार करोड़ रुपये का जो अनुदान देती है, उसमें कमी तो आएगी ही किसानों को सुविधा भी रहेगी। अगले चार वर्ष में सौर ऊर्जा पपं देकर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

    मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा गठन

    प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) का गठन किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार को मिलाकर एक तथा भोपाल-सीहोर रायसेन, विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर दूसरा मेट्रोपालिटन क्षेत्र बनाया जाएगा। संभाग, जिला, विकासखंड, तहसील और अनुविभागों का पुनर्गठन किया जाएगा।

    हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन का विकास

    जिस तरह हरिद्वार का विकास किया गया है, उसी तर्ज पर उज्जैन का विकास किया जाएगा। साधु-संतों के लिए उज्जैन में स्थायी धार्मिक नगरी एवं आश्रम बनाए जाएंगे। 26 जनवरी 2025 से प्रदेश में युवा, नारी, किसान और गरीब कल्याण मिशन प्रारंभ किए जाएंगे। आगामी चार वर्ष में संकल्प पत्र के एक-एक संकल्प पूरा किया जाएगा।