क्रूज पर्यटन के लिए गुजरात सरकार से किया जा रहा समन्वय, योजना को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देगी MP सरकार
ध्य प्रदेश सरकार राज्य के मुख्य आकर्षण ओंकारेश्वर के स्टेच्यू ऑफ वननेस से गुजरात के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बीच नर्मदा नदी में लगभग 130 किलोमीटर तक क्रूज चलाएगी। पर्यटक दोनों गंतव्यों के मध्य ग्रामीण पर्यटन का अनुभव ले सकेंगे। स्टेच्यू ऑफ वननेस से धार के कुक्षी तक पर्यटकों को सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इस तरह 190 किलोमीटर सड़क मार्ग और 130 किलोमीटर जल मार्ग की यात्रा होगी।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के मुख्य आकर्षण ओंकारेश्वर के 'स्टेच्यू ऑफ वननेस' से गुजरात के 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' के बीच नर्मदा नदी में लगभग 130 किलोमीटर तक क्रूज चलाएगी। पर्यटक दोनों गंतव्यों के मध्य ग्रामीण पर्यटन का अनुभव ले सकेंगे। स्टेच्यू ऑफ वननेस से धार के कुक्षी तक पर्यटकों को सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इस दौरान ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडू आदि जगहों पर घुमाते हुए क्रूज तक पहुंचाया जाएगा। यहां से क्रूज में सवार होकर पर्यटक सरदार सरोवर बांध जाएंगे और फिर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचेंगे।
इस तरह 190 किलोमीटर सड़क मार्ग और 130 किलोमीटर जल मार्ग की यात्रा होगी। यह पूरी यात्रा तीन रात और चार दिन की होगी। पर्यटक नर्मदा नदी के आसपास उपलब्ध प्राकृतिक सौंदर्य और जैव-विविधता से रूबरू हो सकेंगे। राज्य सरकार जिस तरह से तैयारी कर रही है, इससे तो साफ है कि वर्ष 2025 तक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी तक क्रूज का संचालन किया जा सकेगा।
सब्सिडी देगी सरकार
क्रूज परिचालन और जलीय खेलकूद को बढ़ावा देने की इच्छुक एजेंसी को सरकार सब्सिडी भी देगी। निवेश के आधार पर सब्सिडी 15 से 30 प्रतिशत तक होगी। क्रूज संचालन के लिए निजी कंपनियों से बात की जा रही है। पर्यटन विभाग केवल बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराएगा। क्रूज का संचालन निजी कंपनियां ही करेंगी। पर्यटन विभाग अपना एक रोडमैप भी तैयार कर रहा है।
इसके लिए केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों की भी मदद ली जा रही है। चंदेरी के राजघाट बांध को उप्र के देवगढ़ से जोड़ने की भी योजना: मध्य प्रदेश में चंदेरी के पास राजघाट बांध को उत्तर प्रदेश के देवगढ़ से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। लंबी दूरी, अंतर-राज्य क्रूज सेवा नया आकर्षण होगी। साथ ही जबलपुर के पास बरगी बांध के निकट स्थित मैकाल रिसार्ट से मंडला जिले के तिंदिनी तक, देवास में धाराजी से ओंकारेश्वर के पूर्व में सैलानी टापू तक, संजीत गांव से गांधी सागर के टेंट सिटी तक क्रूज भी प्रस्तावित है।
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि ओंकारेश्वर के 'स्टेच्यू ऑफ वननेस' से गुजरात के 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' तक नर्मदा नदी पर लगभग 130 किमी का अंतर-राज्य क्रूज चलाने की योजना है। इसके लिए गुजरात सरकार से भी बात चल रही है। इसकी प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। संभवत: अगले वर्ष तक क्रूज का संचालन शुरू हो सकेगा।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी
गुजरात में सरदार सरोवर बांध से लगभग साढ़े तीन किमी नीचे की ओर नर्मदा नदी में साधु-बेट द्वीप पर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की ये दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी कहा जाता है। इसकी ऊंचाई 182 मीटर है। वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री व गृहमंत्री थे। वह महात्मा गांधी के अनुयायी थे।
स्टेच्यू ऑफ वननेस
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर आदि शंकराचार्य की यह 108 फीट ऊंची प्रतिमा है। तीन धातुओं से निर्मित इस प्रतिमा को स्टेच्यू ऑफ वननेस (एकात्मता की प्रतिमा) का नाम दिया गया है।
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