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अब आसान होगी सिंहस्‍थ महाकुंभ की तैयारी, भोपाल की जगह उज्‍जैन से चलेगा धर्मस्‍व संचालनालय; MP कैबिनेट का फैसला

उज्जैन में कई बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं जिसमें से एक सिंहस्थ मेला भी है। मुख्यालय की शिफ्टिंग का फैसला इसी को देखते हुए लिया गया है। हर 12 साल में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन किया जाता है।इस बार 2028 में इसका आयोजन किया जाएगा जिसको देखते हुए धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग का रोल और भी बढ़ जाएगा। शिफ्ट हो जाने के बाद कर्मचारी उज्जैन से कार्यभार संभालेंगे।

By Jagran News Edited By: Nidhi Avinash Published: Sun, 19 May 2024 11:21 AM (IST)Updated: Sun, 19 May 2024 11:21 AM (IST)
भोपाल की जगह उज्‍जैन से चलेगा धर्मस्‍व संचालनालय (Image: ANI)

जागरण न्यूज नेटवर्क, उज्जैन। सतपुड़ा भवन में संचालित धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग का संचालन अब भोपाल की जगह उज्जैन से होगा। शिफ्ट के बाद मध्य प्रदेश की सभी धार्मिक गतिविधियों के आयोजन उज्जैन से तय किए जाएंगे। इसको लेकर एमपी कैबिनेट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। कोठी रोड में स्थित सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन के कुछ कक्ष खाली करवा लिए गए हैं। 

सिंहस्थ मेला है मुख्य कारण

दरअसल, उज्जैन में कई बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, जिसमें से एक सिंहस्थ मेला भी है। मुख्यालय की शिफ्टिंग का फैसला इसी को देखते हुए लिया गया है। बता दें कि हर  12 साल में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन किया जाता है। इस बार 2028 में इसका आयोजन किया जाएगा, जिसको देखते हुए धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग का रोल और भी बढ़ जाएगा। विभाग के भोपाल से शिफ्ट हो जाने के बाद कर्मचारी उज्जैन से कार्यभार संभालेंगे। हालांकि विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य स्टाफ भोपाल में ही बैठेगा।

इसे भी उज्जैन में शिफ्ट कराने की तैयारी

बता दें कि मध्य प्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण भी उज्जैन में शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अगर इस पर भी सहमति बन गई तो मध्य प्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण को भी उज्जैन में स्थानांतरित किया जा सकेगा।

क्या काम करता है यह विभाग

मंदिरों का जीर्णोद्धार, धर्मशाला का निर्माण, पुजारियों की नियुक्ति, पदस्थापन और मानदेय वितरण की सभी जिम्मेदारी धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के ऊपर है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का गठन 1981 में हुआ था। विभाग का सालाना बजट 100 करोड़ रुपये है। शुरुआत में विभाग का कार्य कमिश्नर और कलेक्टर के माध्यम से किया जाता था। 2016 में कार्यालय संचालनालय धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व का गठन किया गया। यह कार्यालय सतपुड़ा भवन में संचालित हो रहा है।

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