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    MP Congress: लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस का बड़ा प्लान, कई नए चेहरों को मिलेगी जगह

    Updated: Tue, 18 Jun 2024 05:59 PM (IST)

    लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी सीटों पर पराजय के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में व्यापक स्तर पर परिवर्तन होगा। संगठन में 50 प्रतिशत से अधिक युवा व नए चेहरों को स्थान मिलेगा। इसमें उन्हें शामिल किया जाएगा जिन्हें युवक कांग्रेस या जिलों में विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव है। संगठन में महिला और विधायकों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी।

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    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कार्यकारिणी के लिए केंद्रीय संगठन को नाम प्रस्तावित कर दिए हैं।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, भोपाल। लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी सीटों पर पराजय के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में व्यापक स्तर पर परिवर्तन होगा। संगठन में 50 प्रतिशत से अधिक युवा व नए चेहरों को स्थान मिलेगा। इसमें उन्हें शामिल किया जाएगा, जिन्हें युवक कांग्रेस या जिलों में विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव है। संगठन में महिला और विधायकों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी।

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    जीतू पटवारी ने संगठन को प्रस्तावित किए नाम 

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कार्यकारिणी के लिए केंद्रीय संगठन को नाम प्रस्तावित कर दिए हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार मिलने के बाद जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। पार्टी ने लोकसभा चुनाव बिना कार्यकारिणी के ही लड़ा। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

    ऐसे में अब पटवारी ने अपनी टीम का खाका खींच लिया है। उन्होंने जो नाम प्रस्तावित किए हैं, उनमें तराना विधायक महेश परमार, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक, तरुण भनोत, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, लाखन सिंह यादव, सिद्धार्थ कुशवाहा, सुरेंद्र सिंह बघेल आदि शामिल हैं। मुख्य प्रवक्ता कुणाल चौधरी को महासचिव बनाया जा सकता है। बड़ी नहीं होगी कार्यकारिणी - पार्टी ने तय किया है कि प्रदेश कार्यकारिणी बड़ी नहीं होगी। अभी 68 नाम प्रस्तावित किए गए हैं।

    कमल नाथ ने 250 से अधिक रखे थे पदाधिकारी

    दरअसल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने अपनी कार्यकारिणी में ढाई सौ से अधिक पदाधिकारी रखे थे। विधानसभा चुनाव के समय नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए भी प्रदेश संगठन ने कई पदाधिकारी नियुक्त कर दिए थे। प्रदेश संगठन प्रभारी राजीव सिंह का कहना है कि कार्यकारिणी में कितने पदाधिकारी रहेंगे, यह निर्धारित नहीं रहता है।

    प्रदेश अध्यक्ष अपने हिसाब से टीम बनाते हैं। मंथन की तिथि तय नहीं - उधर, संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह ने मंथन कार्यक्रम की घोषणा की थी, पर इसकी तिथि अभी तय नहीं हो पाई है। इसमें ब्लाक से राज्य स्तर तक बैठकें कर संगठन की मजूबती पर चर्चा होनी है। इसके निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्यक्रम निर्धारित होंगे और आवश्यकता अनुसार जिला इकाइयों में भी परिवर्तन किया जाएगा।