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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Krishna-Gaur: महिलाओं-युवाओं के बीच 'दीदी' की लोकप्रियता का जवाब नहीं, ससुर रहे मुख्यमंत्री; अब बहू बनीं मोहन सरकार में मंत्री

Published: Mon, 25 Dec 2023 04:52 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं के बीच कृष्णा गौर की अच्छी पकड़ है। विधायक के ...और पढ़ें

मोहन यादव मंत्रिमंडल में कृष्णा गौर को मंत्री बनाया गया।(फोटो सोर्स: नई दुनिया)
मोहन यादव मंत्रिमंडल में कृष्णा गौर को मंत्री बनाया गया।(फोटो सोर्स: नई दुनिया)

जेएनएन, भोपाल। Krishna Gaur। मोहन यादव मंत्रिमंडल में  कृष्णा गौर को भी शामिल किया गया।  प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (स्वर्गीय) बाबूलाल गौर की पुत्रवधू कृष्णा गौर अपने ससुर की विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रही हैं। वह लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं।

उन्होंने भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र से पहली बार चुनाव वर्ष-2018 में जीता।  उन्होंने कांग्रेस के गिरीश शर्मा 46 को 359 मतों से हराया था। वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में इसी सीट से कृष्णा गौर रिकार्ड एक लाख छह हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल किया है।

महिलाओं के बीच कृष्णा गौर की है लोकप्रियता  

गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। विधायक के तौर पर वो जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने विधायक के तौर पर

 कॉलेज का निर्माण, आनंद नगर में अस्पताल का निर्माण कराने सहित सड़क, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का निर्माण कराया।  इससे पहले वर्ष-2009 से 2014 तक भोपाल की महापौर रहीं।

 मतदाताओं के बीच बेहतर पैठ होने से उन्होंने ने रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। इससे पहले वर्ष-2009 से 2014 तक भोपाल की महापौर रहीं। इसके अलावा उन्होंने साल 2005 में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन निगम की अध्यक्ष का पद भी संभाला।

घर-घर दीदी के नाम से प्रसिद्ध हैं कृष्णा गौर

पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर का दशकों तक गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र पर वर्चस्व रहा।  पुत्रवधु कृष्णा गौर ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाया। युवाओं के बीच  वो भाभी और दीदी के नाम से काफी प्रचलित हैं। सुबह से 10 से शाम छह बजे तक वो लोगों से मिलती हैं। विशेष तौर पर महिलाओं के बीच उनकी बहुत अच्छी पैठ है। घर-घर महिलाएं उन्हें कृष्णा दीदी के नाम से पुकारती हैं।

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