प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में उमड़ी भीड़ से कई श्रद्धालु अब तक लापता, अपनों की तलाश में भटक रहे लोग
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण समारोह की अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं को गहरे दुख में डाल दिया है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर जुटी सात से आठ लाख की भीड़ में से कई श्रद्धालु अब तक लापता हैं। इस आयोजन में सात लोगों की मौत हो गई और 40-50 लोग गायब हो गए हैं।

जेएनएन, सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण समारोह की अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं को गहरे दुख में डाल दिया है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर जुटी सात से आठ लाख की भीड़ में से कई श्रद्धालु अब तक लापता हैं।
कुबेरेश्वर धाम से 40-50 लोग गायब हो गए हैं
इस आयोजन में सात लोगों की मौत हो गई और 40-50 लोग गायब हो गए हैं। इनमें से कुछ लोग किसी तरह अपने ठिकाने पर पहुंच गए हैं, लेकिन कई अब भी लापता हैं। ऐसे 10-12 परिवार अब भी सीहोर के होटलों और आश्रमों में अपने प्रियजनों की खोज में लगे हुए हैं।
हापुड़ निवासी प्रदीप की पत्नी चंचल छह अगस्त से लापता
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर से आई एक महिला अपनी लापता सास को पिछले तीन दिनों से खोज रही हैं। उन्होंने कहा कि पति ने कहा है कि मां को लिए बिना घर मत आना। इसी तरह, हापुड़ निवासी प्रदीप की पत्नी चंचल छह अगस्त से लापता हैं।
प्रदीप ने उसी दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई पता नहीं चला है। शुक्रवार को एक वृद्ध महिला भटकते सीहोर के ग्राम महोडिया पहुंच गईं। वह अपना नाम और परिवार के बारे में कुछ नहीं बता पा रही थीं।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और महिला को आसरा दिया। इंटरनेट मीडिया पर वृद्धा का फोटो जारी कर लोगों से पहचानने की अपील की गई है, लेकिन उनके परिवार से कोई संपर्क नहीं हुआ है।
कुबेरेश्वर धाम में हुई मौतों पर प्रशासन मौन
उधर, कुबेरेश्वर धाम में हुई मौतों और लापता लोगों की संख्या सामने आने के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन आयोजकों को अब तक कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
एसपी दीपक कुमार शुक्ला का कहना है कि अधिकतर गुमशुदा मिल चुके हैं। इस अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का जिम्मेदार कौन है, इसकी जांच की जा रही है। प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार कर मानवाधिकार आयोग को भेजी जाएगी।
इनकी तलाश में परेशान हैं स्वजन
- मधु पांडे निवासी दिल्ली
- निर्दली देवी निवासी बहुता चकडाही, भदोही, उत्तर प्रदेश
- पूनम पांडेय निवासी भागलपुर, बिहार
- केसर यादव निवासी अंबाला कैंट, हरियाणा
- ऊषा देवी निवासी फुलवारी शरीफ, पटना, बिहार
- सुनीता बुचाले निवासी परभणी क्रांतिनगर, महाराष्ट्र
- किसना बाई गाडगे निवासी परभणी क्रांतिनगर, महाराष्ट्र
- शांताबाई भोसले निवासी परभणी क्रांतिनगर, महाराष्ट्र
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।