'भगवान करे नैरेटिव के चक्कर में कोई फंस न जाए...' भोपाल में बोले पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़, संघ नेता की पुस्तक का किया विमोचन
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता मनमोहन वैद्य की पुस्तक 'हम और यह विश्व' ...और पढ़ें

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (मध्य में) व अन्य।
HighLights
धनखड़ ने 'नैरेटिव' के जाल से बचने को कहा।
पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन किया।
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पहला कार्यक्रम।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भगवान करे कोई नैरेटिव के चक्कर में कोई फंस न जाए। मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं। लोग नरेटिव का शिकार बनाना चाहते हैं। इससे कोई व्यक्ति नहीं लड़ सकता पर संस्थाएं लड़ सकती हैं। राष्ट्र की अवधारणा को बहुत सीमित कर दिया गया है। वह शुक्रवार को भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य की पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ का विमोचन करने आए थे। कार्यक्रम रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में हुआ।

उप राष्ट्रपति पद से त्याग पत्र देने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए धनखड़ ने कहा समय कम होने के कारण मेरा पूरा गला खुल नहीं पाया है। उनके उद्बोधन का पहला वाक्य था 'चार माह बाद...।' आखिर में कहा, समय कम होने से मेरे गला ठीक से खुल नहीं पाया है।

उन्होंने पुस्तक के बारे में अपने विचार पेश करते हुए कहा कि इस पुस्तक में आप डुबकी लगाएंगे तो पता चलेगा कि हमारा अतीत कितना गौरवशाली था। पुस्तक भविष्य निर्माण के लिए प्रेरणादायक है। यह पुस्तक निश्चित रूप से सोए हुए को जगाने वाली है। यह वसुधैव कुटंबकुम की अवधारणा को बताती है।
कार्यक्रम में मनमोहन वैद्य, विशिष्ट अतिथि के रूप में दैनिक जागरण समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु त्रिपाठी, पीठाधीश्वर श्रीआनंदम धाम वृंदावन सदगुरु ऋतेश्वर जी महाराज उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेत्री उमा भारती, राज्य मंत्री कृष्णा गौर एवं संघ के प्रांत संघ चालक अशोक पांडे ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
चार महीने बाद पहला सार्वजनिक संबोधन
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के ठीक चार महीने बाद यह पहला कार्यक्रम है, जिसमें धनखड़ ने सार्वजनिक संबोधन दिया। 21 जुलाई को उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था और 21 नवंबर को यानी ठीक चार महीने बाद वे सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के बाद धनखड़ रात करीब आठ बजे वापस दिल्ली रवाना हो गए।
