रतलाम, जेएनएन। रतलाम जिले के सुराना गांव में बुधवार की सुबह कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम समेत एसपी गौरव तिवारी समेत अन्य प्रशासनिक अमला गांव में मुसलमानों के उत्पीड़न से आहत होकर हिंदुओं की गांव छोड़ने की धमकी के बाद बातचीत के लिए वहां पहुंचे। गांव के चौपाल में पुलिस प्रशासन पर हिंदुओं का गुस्सा फूट पड़ा और सभी ने एक स्वर में पुलिस कार्रवाई न होने से परेशानी बढ़ाने की बात कही। 

कलेक्टर ने सभी से चर्चा करने के बाद भरोसा जताया कि गुंडा चाहे कोई भी हो, कितना भी दमदार हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच गांव के पूर्व पटेल ओमप्रकाश जाट अपना दर्द बयां करते हुए रोने लगे। मुकेश जाट ने बताया कि गांव में मुस्लिम समाज के लोग अवैध खनन, सट्टा और जुआ व अन्य अवैध कार्य कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उनका साथ दे रही है और हिंदुओं की जांच कराकर रासुका व जिलाबदर लगाने की धमकी दे रही है।

हिंदू समुदाय को बनाया निशाना

हिंदुओं ने कहा जब सुनवाई नहीं हुई तो हमें भी सुरक्षा के लिए गांव से भागने का फैसला करना पड़ा। पिछले दो साल में जब भी पुलिस को सूचना दी गई तो कार्रवाई के नाम पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। चौपाल पर हिंदू वर्ग के लोगों ने अलग-अलग मामलों में अपना आक्रोश व्यक्त किया। एसपी गौरव तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि साल के दौरान जितने भी मामले हुए हैं, उसमें पुलिस ने तात्कालिक तौर पर एफआइआर की है और दोषियों पर कार्रवाई भी की गई है। पुलिस विभाग सुराना गांव में अस्थाई पुलिस चौकी खोलेगा।

मुस्लिम समाज का पक्ष भी जाना गया

एसपी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को ग्रामीणों से जो कहा उसका मतलब था कि कानून हाथ में न लिया जाए। कोई समस्या हो तो पुलिस को सूचित करें। मारपीट का वीडियो सामने आया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हमारी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। पार्टी को चौपाल में मुस्लिम समाज के लोगों को बुलाकर भी पक्ष जाना गया। इसके बाद कलेक्टर ने दोनों वर्गों की कमेटी बनाकर गांव में शांति व्यवस्था की

स्थापित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।

Edited By: Babita Kashyap