खाना खराब होने पर हैंड बैंड कर देगा अलर्ट, AIIMS के डॉक्टर ने बनाया गुणवत्ता जांचने का उपकरण
जो खाना आप खाने जा रहे हैं वह खराब तो नहीं है। अब इस बात की जांच आसानी से हैंड बैंड से हो सकेगी। भोजन की गुणवत्ता बताने वाले इस उपकरण को हाल में ही पेटेंट मिला है। एम्स में आयुष विभाग के डॉ. दानिश जावेद ने इस उपकरण को बनाया है। ये बैंड उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा जो खाने की गुणवत्ता को लेकर परेशान रहते हैं।

जेएनएन, भोपाल। एम्स भोपाल में बनाया गया एक हैंड बैंड आपको बता देगा कि जो खाना आप खाने जा रहे हैं वह खराब तो नहीं है। भोजन की गुणवत्ता बताने वाले इस अनूठे उपकरण को हाल में ही पेटेंट मिला है। यह 'फूड क्वालिटी मानीटरिंग हैंड बैंड' उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा जो बाहर का खाना खाते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर चिंतित रहते हैं।
एम्स में आयुष विभाग के डॉ. दानिश जावेद ने इस उपकरण को बनाया है। यह हैंड बैंड घड़ी की तरह कलाई पर बांधा जाता है। इसमें छोटे-छोटे विशेष तरह के सेंसर लगे हैं। जब बैंड के सेंसर को खाने के पास ले जाते हैं तो यह अलर्ट करता है कि खाने में कोई खतरनाक बैक्टीरिया, वायरस या प्रदूषणकारी तत्व की मिलावट तो नहीं है।
इतना ही नहीं, इसमें एक गैस सेंसर भी है जो भोजन से निकलने वाली गैस से अलर्ट कर देगा कि खाना खराब तो नहीं हो गया है। डॉ. जावेद के अनुसार इस उपकरण के प्रयोग से खराब भोजन से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकेगा। अस्पतालों में मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित खाना देने में यह बैंड मददगार साबित हो सकता है।
खाने की खराबी का तुरंत पता चलेगा
अगर खाने में कुछ खराबी होगी, तो हैंड बैंड में लाइट जलेगी और यह थोड़ा कंपन भी करेगा। यह बैंड पानी से खराब नहीं होगा और छोटा होने के कारण इसे हर जगह ले जाना आसान है। इसे साफ करना भी बहुत आसान है। हालांकि इसके व्यावसायिक उत्पादन में अभी कुछ और समय लग सकता है। इसके लिए कुछ कंपनियों से भी बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि यह हैंड बैंड स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगा। यह लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार होगा।
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