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    मौत का रेलवे ब्रिज... भोपाल में 10 साल बाद बना पुल; 90 डिग्री के मोड़ पर उठे सवाल

    भोपाल में एक दशक बाद बने रेलवे ओवर ब्रिज के डिजाइन पर विवाद हो गया है। इसमें 90 डिग्री के तीखे मोड़ को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह पुल दुर्घटना का कारण बन सकता है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह पांच साल पुराना प्रोजेक्ट है और एनएचएआई की रिपोर्ट आने वाली है।

    By Agency Edited By: Mahen Khanna Updated: Thu, 12 Jun 2025 05:29 PM (IST)
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    भोपाल में रेलवे ब्रिज पर मचा बवाल। (फोटो- एएनआई)

    एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद बना रेलवे ओवर ब्रिज सुर्खियों में है। दरअसल, ये अपने डिजाइन के कारण चर्चा में है। इसमें करीब 90 डिग्री का तीखा मोड़ होने के कारण विवाद खड़ा हो गया है।

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    ओवरब्रिज के डिजाइन पर उठे सवाल

    विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने ओवरब्रिज के डिजाइन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को जाग जाना चाहिए, इससे पहले कि यह मौत का मैदान बन जाए। पुल का डिजाइन ऐसा है कि वाहनों को करीब 90 डिग्री का तीखा मोड़ लेना पड़ेगा, जिसके परिणामस्वरूप पुल को दुर्घटना स्थल के रूप में देखा जा रहा है।

    मंत्री बोले- ये 5 साल पुराना प्रोजेक्ट है

    रेलवे ओवरब्रिज करीब 648 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है। इसे 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। बहरहाल, राज्य के पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह पांच साल पुराना प्रोजेक्ट है और इसका डिजाइन पहले ही तैयार हो चुका है, हालांकि इसका एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

    जीतू पटवारी ने भाजपा पर साधा निशाना

    एएनआई से बात करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने कहा, 

    पीडब्ल्यूडी ने इस तरह के डिजाइन को कैसे स्वीकार कर लिया? राज्य में भाजपा की सरकार है और उनकी असली सोच और दिमाग को समझा जा सकता है। फिर भी, सरकार को जाग जाना चाहिए और जनता की गाढ़ी कमाई से इस तरह का डिजाइन बनाने वालों को दंडित करना चाहिए। सरकार को इससे पहले उठ जाना चाहिए कि यह मौत का मैदान बन जाए।

    NHAI की आएगी रिपोर्ट

    पटवारी ने आगे कहा, "रेलवे अधिकारियों ने डिजाइन पर आपत्ति जताई, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने उन्हें (पीडब्ल्यूडी) नहीं रोका। वे इस गलती के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं।

    इस बीच, राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि एनएचएआई ने बुधवार को पुल का निरीक्षण किया और इसकी रिपोर्ट आज आने की संभावना है। इसके आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।