बालाघाट में सामूहिक दुष्कर्म केस: मामला रफा-दफा करने के लिए 7 लाख का ऑफर, पीड़िताएं बोलीं- दोषियों को फांसी हो
मध्य प्रदेश के बालाघाट में हुआ सामूहिक दुष्कर्म मामला अब मामला पंचायत तक पहुंच गया यहां मामले को रफा दफा करने करने के लिए पीड़िताओं के परिजनों को सात लाख का ऑफर दिया गया। लेकिन पीड़िताओं के परिजनों ने आरोपियों के लिए सजा की मांग की। बालाघाट में सामूहिक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए और आरोपियों को बचाने के लिए दो दिन तक गांव में पंचायत चली।

जेएनएन, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में 23 अप्रैल की रात शादी समारोह से लौट रही चार आदिवासी किशोरियों के साथ सात लोगों ने जंगल में सामूहिक दुष्कर्म किया था, वहीं अब मामला पंचायत तक पहुंच गया यहां मामले को रफा दफा करने करने के लिए पीड़िताओं के परिजनों को सात लाख का ऑफर दिया गया। लेकिन पीड़िताओं के परिजनों ने आरोपियों के लिए सजा की मांग की।
दो दिन तक गांव में पंचायत चली
बालाघाट में सामूहिक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए और आरोपियों को बचाने के लिए दो दिन तक गांव में पंचायत चली। लेकिन कोई बात नहीं बनी और पीड़ित लड़की के परिजनों ने समझौते से साफ इनकार कर दिया और आरोपियों से सजा की मांग की। आरोपियों में छह वयस्कों और एक नाबालिग है।
विवाह समारोह से लौटते समय वारदात
23 अप्रैल को पीड़ित किशोरियां (उम्र 15 से 21 वर्ष) एक गांव में शादी समारोह में शामिल हुई थीं। कार्यक्रम में आरोपी भी मौजूद थे। रात करीब दो बजे, भोजन और डांस के बाद किशोरियां अपने भाई और एक सात साल की बच्ची के साथ जंगल के रास्ते पैदल गांव लौट रही थीं।
इस दौरान शराब के नशे में धुत सात आरोपी, जिनमें दो सगे भाई और एक नाबालिग शामिल था दो मोटरसाइकिलों से उनका पीछा करते हुए जंगल पहुंचे।
आरोपियों ने युवक को भगाया
आरोपियों ने किशोरियों के साथ मौजूद 25 वर्षीय युवक को डरा-धमकाकर भगा दिया। सात साल की बच्ची को बगल में बैठा दिया। उसके बाद उन्होंने किशोरियों के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना शुक्रवार दोपहर पुलिस को मिली, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू हुई।
हट्टा पुलिस ने सूचना मिलते ही आईजी संजय कुमार, एसपी नगेंद्र सिंह और एएसपी विजय डावर के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की। छह घंटे में सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
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