उत्तराखंड में पीएमएचएस संवर्ग में चिकित्सकों के 250 पद पुनर्जीवित, कैबिनेट ने लगाई मुहर

प्रांतीय स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवा (पीएमएचएस) में 250 पदों को फिर से पुनर्जीवित कर दिया है। ये पद पहले विशेषज्ञ और डेंटल चिकित्सकों के लिए अलग कर दिए गए थे।

By Edited By: Publish:Wed, 29 Apr 2020 08:01 PM (IST) Updated:Thu, 30 Apr 2020 02:23 PM (IST)
उत्तराखंड में पीएमएचएस संवर्ग में चिकित्सकों के 250 पद पुनर्जीवित, कैबिनेट ने लगाई मुहर
उत्तराखंड में पीएमएचएस संवर्ग में चिकित्सकों के 250 पद पुनर्जीवित, कैबिनेट ने लगाई मुहर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। शासन ने प्रांतीय स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवा (पीएमएचएस) में 250 पदों को फिर से पुनर्जीवित कर दिया है। ये पद पहले विशेषज्ञ और डेंटल चिकित्सकों के लिए अलग कर दिए गए थे। बुधवार को कैबिनेट ने इन पदों को फिर से पीएमएचएस संवर्ग के अंतर्गत करने पर अपनी मुहर लगाई।

प्रदेश में चिकित्सकों के 2725 पद हैं, जिनके सापेक्ष इस समय तकरीबन 2000 चिकित्सक प्रदेश में तैनात हैं। प्रदेश में इस समय चिकित्सकों के सभी पदों को भरने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जब कवायद शुरू की गई तो पता चला कि इनमें से स्वीकृत पदों में से 100 पद विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अलग कर लिए गए थे। कारण यह कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की खासी कमी चल रही है। ऐसे में सेवानिवृत्त हो रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों को रोकने के लिए नए पदों का सृजन किया गया। 
बावजूद इसके सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों को रोकने में सफल नहीं हो पाई। सरकार को वर्ष 2016 और 2019 में केवल तीन-तीन सेवानिवृत्त विशेषज्ञ चिकित्सक ही मिल पाए। ऐसे में इन पदों को वापस करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार सरकार ने डेंटल संवर्ग के लिए 150 पद पीएमएचएस के ढाचे से अलग कर लिए लिए थे। इनके सापेक्ष विभाग को केवल 80 चिकित्सक ही मिल पाए। 
इस कारण फिलहाल पूरे 150 पदों को शेष 80 पदों को वापस ढांचे में लाने का निर्णय लिया गया, जो डेंटर चिकित्सक अभी तैनात हैं, उन्हें अधिसंख्य माना जाएगा। जब भी डेंटल का ढांचा बनेगा तब इन पदों को उनमें समायोजित किया जाएगा। कैबिनेट के निर्णय के बाद अब पीएमएचएस ढांचे में फिर से पुनर्जीवित किए गए 250 पदों को भरने की कवायद की जा रही है। इन्हें अन्य रिक्त पदों के साथ जोड़ते हुए चिकित्सा चयन आयोग को भर्ती के लिए भेजा जाएगा।
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