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    'श्रीकृष्ण बार-बार कह रहे कि वह जमीन के नीचे दबे हैं', बच्ची के सपने की बात मानकर की खुदाई तो निकली कन्हैया की प्राचीन मूर्ति

    Updated: Fri, 16 Feb 2024 08:23 PM (IST)

    आठवीं में पढ़ने वाली पूजा कुछ महिलाओं के साथ समाधि पर पहुंचकर पूजा करने लगी। मुस्लिम पक्ष ने समाधि को मजार बताकर विरोध किया। खुद को मजार का खादिम बताने वाले गुड्डू के विरोध पर पूजा ने एक साल से आ रहे स्वप्न के बारे में बताया। उसका कहना था कि भगवान श्रीकृष्ण बार-बार कह रहे कि वह जमीन के नीचे दबे हैं। वह खोदाई की प्रेरणा दे रहे हैं।

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    स्वप्न में दर्शन, खोदाई में निकली श्रीकृष्ण की प्राचीन प्रतिमा

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। कक्षा आठ की छात्रा के स्वप्न की बात मानकर स्वजनों ने समाधि के पास खोदाई कराई। कुछ ही गहराई में भगवान श्रीकृष्ण की प्राचीन मूर्ति मिली है। मूर्ति की ऊंचाई लगभग एक फिट व वजन लगभग एक किलोग्राम है। कुछ दूर स्थित ब्रह्मदेव स्थल पर प्रतिमा स्थापित कर दी गई। दर्शन-पूजा पाठ के लिए पूरे दिन लोगों की कतार लगी रही।

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    एसएस कालेज के इतिहास विभागाध्यक्ष विकास खुराना का कहना है कि ताम्र निर्मित प्रतिमा गुप्त काल की लग रही है। सातवीं शताब्दी के दौरान इस तरह की मूर्तियां मिलीं थीं। पुरातत्व जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। गुरुवार शाम विनोद सिंह की आठवीं में पढ़ने वाली बेटी पूजा सिंह कुछ महिलाओं के साथ समाधि स्थल पर पहुंचकर पूजा करने लगी।

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    मुस्लिम पक्ष के लोगों ने समाधि को मजार बताकर विरोध किया। खुद को मजार का खादिम बताने वाले गुड्डू के विरोध पर पूजा ने एक साल से आ रहे स्वप्न के बारे में बताया। उसका कहना था कि भगवान श्रीकृष्ण बार-बार कह रहे कि वह जमीन के नीचे दबे हैं। वह खोदाई की प्रेरणा दे रहे हैं। लोगों ने पूजा की बात पर भरोसा करके बताए गए स्थल पर जब खोदाई की तो लगभग चार फिट की खोदाई के बाद भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति नजर आई।

    यहां भगवान श्रीकृष्ण की तांबे की मूर्ति निकली। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पूजा की बात मानकर भगवान श्रीकृष्ण की प्राचीन प्रतिमा को ब्रह्मदेव बाबा स्थान पर पूजा पाठ के साथ स्थापित कर दिया। पूजा ने बताया उनकी भगवान कृष्ण के प्रति अपार श्रद्धा है।

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    वह प्रतिदिन पूजा-अर्चना के बाद ही अन्नजल ग्रहण करती और स्कूल जाती है। उप जिलाधिकारी अंजलि गंगवार का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिमा निकलने की जानकारी मिली है। राजस्व टीम को मौके पर भेजा जाएगा। प्रतिमा के पुरातत्व महत्व का भी परीक्षण कराया जाएगा।