एसएसपी ने थानेदारों को दिया अल्टीमेटम, तीन दिन में दुरुस्त करें व्यवस्था

भ्रष्टाचार व जनता से अभद्र बर्ताव पर घिरी मुरादाबाद पुलिस

By JagranEdited By: Publish:Thu, 29 Nov 2018 12:00 PM (IST) Updated:Thu, 29 Nov 2018 12:00 PM (IST)
एसएसपी ने थानेदारों को दिया अल्टीमेटम, तीन दिन में दुरुस्त करें व्यवस्था
एसएसपी ने थानेदारों को दिया अल्टीमेटम, तीन दिन में दुरुस्त करें व्यवस्था

मुरादाबाद : भ्रष्टाचार व जनता से अभद्र बर्ताव पर घिरी मुरादाबाद पुलिस को सही रास्ते पर लाने के लिए एसएसपी जे रविन्दर गौड ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डीजीपी के मुरादाबाद से लौटते ही एसएसपी ने मातहतों को आगाह कर दिया। वायरलेस सेट पर उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें। भ्रष्टाचार अथवा जनता से दु‌र्व्यवहार का कोई भी मामला यदि प्रकाश में आया तो थानेदार से लेकर आरोपित सिपाही तक किसी की खैर नहीं होगी। एसएपी के तीखे तेवर से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।

मंगलवार को मुरादाबाद पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह ने मुरादाबाद रेंज की अपराध समीक्षा के दौरान खुल कर कहा कि पुलिस पर भ्रष्टाचार व जनता से दु‌र्व्यवहार करने का आरोप गंभीर है। हर हाल में ऐसे आरोपों से बचना होगा। भ्रष्टाचार मुक्त पुलिसिंग सुनिश्चत हो। जनता से मधुर बर्ताव हो। इससे आम लोगों को अपनी पीड़ा पुलिस से बताने में सहूलियत होगी। डीजीपी के इस फरमान को एसएपी ने गंभीरता से लिया। बुधवार को सुबह एसएसपी वायरलेस सेट के जरिए थानेदारों से रूबरू हुए। उन्होंने दो टूक कहा कि दारोगा से लेकर थाने के सिपाही तक को बता दिया जाए कि भ्रष्टाचार के आरोपों से वह कोसों दूर रहें। जनता से अच्छा बर्ताव करें। दु‌र्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं होगा। तीन दिन के भीतर कार्यप्रणाली में यदि बदलाव नहीं हुआ तो आरोपों के घेरे में आने वाले पुलिस कर्मी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। एसएसपी के दो टूक से थानेदारों के कान खड़े हो गए। उन्होंने दारोगा व सिपाही को सिलसिलेवार एसएसपी के फरमान से वाकिफ करा दिया।

चिन्हित होंगे दागी पुलिसकर्मी

मुरादाबाद : देर शाम करीब सात बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे रविन्दर गौड ने पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान एसएसपी ने मातहतों से कहा कि वह थाने व पुलिस कर्मियों की गतिविधि पर पैनी नजर रखें। यह सुनिश्चत हो कि सिपाही अथवा हल्का इंचार्ज अपने क्षेत्र में भ्रमणशील है अथवा नहीं। यह भी जानने का प्रयास हो कि संबंधित पुलिस कर्मी की छवि जनता के बीच कैसी है। जहां से भी शिकायत मिले, उससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। दागी पुलिस कर्मियों को चिह्नित करने का निर्देश उन्होंने दिया। एसएसपी ने मातहतों से जनता से निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा। बैठक में एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र, एसपी सिटी अंकित मित्तल, एएसपी अपर्णा गुप्ता के अलावा सभी क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।

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