UP Politics: मोहन की सियासी बांसुरी पर थिरके ब्रज के समीकरण, ब्रज में बीजेपी की यादव मतदाताओं में सेंधमारी की कोशिश
मप्र के सीएम ने मैनपुरी में उछाला कृष्ण जन्म भूमि का मुद्दा। विरोधियों को समर्थन की चुनौती। कांग्रेस पर खुलकर किए प्रहार। अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए ही साधा निशाना। मैनपुरी में यूपी के मंत्री जयवीर सिंह के नामांकन में आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जोरदार हमले किए। ब्रज में यादव मतदाता प्रभावित सीटों पर मोहन का चुनावी भाषण सेंधमारी की कोशिश है।

दिलीप शर्मा, मैनपुरी। नाम मोहन और सरनेम यादव। कान्हा के नाम वाले मप्र के मुख्यमंत्री ने सोमवार को मैनपुरी में राजनीतिक बांसुरी से ऐसी तान छेड़ी कि अकेले मैनपुरी ही नहीं पूरे ब्रज के समीकरणाें में थिरकन आ गई।
ब्रज के प्यारे लाला की जन्म स्थली पर केसरिया खेमे की वीणा अब तक जो बात संकेतों में बज रही थी, सनातनियों की आस से जुड़े उस तार को खुलकर छेड़ दिया। राजनीति का यह संगीत अब जहां भगवाधारियों को झंकृत कर रहा है, वहीं विरोधियों को इसकी गूंज कम करने को पसीना बहाना होगा।
कृष्ण जन्मस्थान मुद्दा
सदियों के इंतजार के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो देश की राजनीति में जबर्दस्त हलचल हुई। इसके बाद से सनातन के विरोध से लेकर सांस्कृतिक गौरव तक की लहरे सियासत के समंदर में लगातार उठ रहीं हैं। इस सबके बीच धीरे-धीरे मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि का मामला भी राजनीतिक रंग ले रहा था। बीते साल नवंबर में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मथुरा आए थे तो उन्होंने भी संकेतो में इस मुद्दे के भविष्य में मुखर होने के संकेत साफ कर दिए थे।
पीएम ने कही थी ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा था कि जिस तरह काशी, विध्यांचल आदि धाम भव्य बने हैं। उसी तरह जल्द ही मथुरा में भी दिव्यता से कान्हा के दर्शन होंगे। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बयानों में डूबता-उतराता रहा। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दौरों में भी इस मुद्दे को छुआ गया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अयोध्या, काशी के बाद अब मथुरा की बारी है। यहां भी उसी तरह का विकास होगा। कुछ मामले न्ययालय में लंबित हैं। संकेत साफ था पर खुलकर जन्मभूमि को मुद्दा बनाने की बात उन्होंने भी नहीं थी।
मोहन यादव ने पहली बार यूपी में दिया भाषण
परंतु सोमवार को मोहन यादव ने पहली बार यूपी में आकर चुनावी बिगुल बजाया तो खुलकर इसके मुद्दों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया। मथुरा, आगरा, अलीगढ़ सहित ब्रजे क्षेत्र और देश-विदेश के कृष्ण भक्तों के लिए यह मुद्दा अहम माना जाता है। ऐसे में मोहन यादव के इस दांव ने विरोधियों को विचलित कर दिया है। उन्होंने खुलकर मंदिर निर्माण की बात की और विरोधियों को सीधे चुनौती थी वह भी यादव समाज के उल्लेख के साथ।
भाजपा की यादव वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश
ब्रज क्षेत्र की मैनपुरी, फिरोजाबाद सहित कई सीटों पर यादव मतदाता प्रभावी स्थिति में हैं। ऐसे में भाजपा की कोशिश मोहन यादव के सहारे यादव मतदाताओं में सेंधमारी की है। इसके लिए मोहन यादव के यादव बहुल इलाकों में दौरे और सभाओं की रूपेरखा भी तैयार हाे रही है।
माना जा रहा है कि जिस तरह मोहन यादव ने खुलकर कृष्ण जन्मभूमि पर बात की है। भाजपा के अन्य नेता भी इस पर मुखर होंगे ओर इसके सहारे बढ़त बनाने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में अब सपा और उसके गठबंधन के साथियों के सामने यादव मतों के बंटवारे की आशंका खत्म करने और सनातन के मुद्दे की काट करने की चुनौती होगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।