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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ISRL 2024 Winner: बिगरॉक मोटरस्पोर्ट्स ने जीता इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग का पहला सीजन, नंबर-1 रहे ऑस्ट्रेलिया के जोर्डी टिक्सर

Published: Mon, 26 Feb 2024 05:20 PM (IST)

भारत में एक ऐसी रेसिंग लीग (Indian SuperCross Racing League 2024) की शुरुआत हुई जिसमें राइडर्स हवा में गुलाटी मारते ...और पढ़ें

घरेलू टीम BigRock MotorSports ने जीता ISRL 2024 का खिताब
घरेलू टीम BigRock MotorSports ने जीता ISRL 2024 का खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कहते है ना सूरज की तरह चमकने के लिए आपको सूरज की तरह जलना पड़ता है। जिंदगी में कई बार आप गिरते है, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और यह ठान लेना कि मुझसे बेहतर कोई नहीं, तो वो दिन दूर नहीं जब सफलता खुद आपके कदम चूमे। भारत में देखा जाए तो कई ऐसे स्पोर्ट्स है, जिसने कई स्टार्स को एक पहचान दी और एक स्टेज दिया, जहां वह अपना टैलेंट दिखाकर सुपरस्टार बन जाए।

आईपीएल, पीसीएल के बारे में तो हर कोई जानता ही है, लेकिन भारत में एक ऐसी रेसिंग लीग (Indian SuperCross Racing League) की शुरुआत हुई, जिसमें राइडर्स हवा में गुलाटी मारते हुए अपना टैलेंट पूरी दुनिया को दिखाते हुए नजर आए।

इस रेसिंग लीग में सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी राइडर्स ने भी हिस्सा लिया और फाइनल राउंड में बिगरॉक मोटरस्पोर्ट्स की टीम ने तीनों कैटेगरी में जीत हासिल किए और इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग का पहला सीजन अपने नाम किया। जॉर्डी डिक्सर ऑल स्टार्स कैटेगरी में नंबर 1 रहे। 

घरेलू टीम BigRock MotorSports ने जीता ISRL 2024 का खिताब

दरअसल, इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग (ISRL) के पहले सीजन का ग्रैंड फिनाले 25 फरवरी 2024 को बेंगलुरु में हुआ, जिसमें सभी राइडर्स ने जीन जान लगाते हुए अपना टैलेंट पूरी दुनिया को दिखाया। घरेलू टीम बिगरॉक मोटरस्पोर्ट्स इंडियन सुपरक्रॉस के पहले सीजन की विजेता टीम रही, जिनके टीम के राइडर्स ने हर कैटेगरी में जीत हासिल की। स्टार एथलीट मैट मॉस ने 450 cc इंटरनेशनल रेस में जीत हासिल कर अपने परिवार वालों का ही नहीं, बल्कि अपने पूरे देश (ऑस्ट्रेलिया) का नाम रोशन किया।

बता दें कि इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग के पहले सीजन का पहला राउंड पुणे में 28 जनवरी को शुरू हुआ। दूसरा राउंड 11 फरवरी को अहमदाबाद में खेला गया और आखिरी राउंड 25 फरवरी बेंगलुरु में खेला गया। जहां घरेलू टीम बिगकॉक मोटरस्पोर्ट्स ने बाजी मारते हुए यह रेस अपने नाम की। तीनों राउंड के प्वाइंट्स मिलाकर बिगरॉक के पास सबसे ज्यादा प्वाइंट्स मिले और उस हिसाब से उसे खिताब मिला।

1. 450CC इंटरनेशनल कैटेगरी

इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग की सबसे ज्यादा CC की बाइक राइडर्स की रेस में ऑस्ट्रेलिया के मैट मॉस ने शानदार प्रदर्शन किया। मैट मॉस ने हवा में गुलाटी मारते हुए बाइक के साथ ऐसे स्टंट दिखाए, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। मैट मॉस को फ्रेंस के थॉमस रेमेट और जॉर्डी टिक्सिरयर से कड़ी टक्कर मिली, लेकिन उन्होंने अंत में बाजी मारते हुए जीत हासिल की।

2. 250CC इंटरनेशनल कैटेगरी

इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग में 250CC इंटरनेशनल कैटेगरी में ऑस्ट्रेलिया के रीड टेलर ने गजब स्टंट कर जीत हासिल की। फ्रांस के ह्यूगो मान्जाटो और रीड के बीच शुरुआत में जबरदस्त टक्कर हुई, लेकिन प्वाइंट्स के आधार पर रीड ही चैंपियन बने।

3. 250cc इंडिया-एशिया मिक्स कैटेगरी

इस कैटेगरी में थाईलैंड के थानारात पेंजन ने बाजी मारते हुए जीत हासिल की। अहमदाबाद में खेले गए दूसरे राउंड में वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन फाइनल राउंड में उन्होंने 2 बार दूसरे स्थान पर खत्म किया। दूसरे राउंड तक वह दूसरे नंबर पर थे लेकिन बेंगलुरु राउंड में उन्होंने 2 बार नंबर-2 की पोजिशन पर फिनिश किया। इस तरह टॉप पर रहे बेन हालग्रेन सिर्फ एक प्वाइंट की वजह से चैंपियन नहीं बन पाए।

4. 85cc इंटरनेशनल कैटगरी

इस कैटगरी में बच्चों को अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिला। इस कैटगरी की रेस से विजेता का फैसला नहीं हुआ, लेकिन पूरी दुनिया को एक ऐसा स्टार मिल गया जो कुछ सालों बाद बड़ा होकर अगला जॉर्डी टिक्सर बनेगा। 13 साल के बाइक राइडर का नाम ब्रायन है, जिसने पहले राउंड से लेकर फाइनल राउंड तक हवा में ऐसे करतब दिखाए, जिससे हर कोई उसके गुण गाता हुआ नजर आया। जब-जब ब्रायन को बाइक हवा में लहराने का मौका मिल रहा था, वह ऐसा कर रहे थे। ब्रायन गुजरात ट्रैलब्लेजर्स टीम का हिस्स हैं, जिन्होंने 57.937 सेकेंड में ही एक लैप कम्प्लीट किा।

बेंगलुरु में रचा गया इतिहास

बेंगलुरु में इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग का फाइनल राउंड का आयोजन किया गया, जिसमें 8 हजार से ज्यादा दर्शकों की भीड़ उमड़ी, जिससे सीजन में कुल उपस्थिति 30 हजार से ज्यादा हो गई और यह एक नया विश्व रिकॉर्ड बन गया।