Mysore Dussehra: दशहरे की छुट्टियों को बनाना चाहते हैं यादगार, तो मैसूर का बनाएं प्लान
Mysore Dussehra दशहरे के अवसर पर स्कूल कॉलेज की छुट्टी होती है और कई ऑफिसेज़ में भी इस दौरान आप आराम से घूमने-फिरने की प्लान बना सकते हैं। तो अगर आप दशहरे की छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं तो मैसूर का बनाएं प्लान।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Mysore Dussehra: इस बार दशहरे की छुट्टियों में अगर आप कहीं घूमने जाना चाहते हैं, तो उन जगहों का रूख करें, जहां दशहरे की अलग ही रौनक और धूम देखने को मिलती है। ज्यादातर जगहों पर इन दिनों रामलीला, मेले और रावण दहन होता है लेकिन कुछ खास शहरों पर दशहरे के अवसर पर अलग ही माहौल होता है। इनमें सबसे पहला नाम आता है मैसूर शहर का, यहां के दशहरे को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक और फोटोग्राफर्स आते हैं।
बेहद भव्य होता है मैसूर का दशहरा
कर्नाटक में दशहरा बाकी दूसरे फेस्टिवल्स से कहीं ज्यादा खास होता है। यहां इसे नादहब्बा कहा जाता है। जिसमें मैसूर का शाही परिवार इस दिन पूजा करता है और साथ ही शाही दरबार का आयोजन भी होता है। ऐसा मानते हैं कि मैसूर के शाही परिवार द्वारा दशहरे की सवारी की शुरुआत 15वीं शताब्दी में वाडिया राजा वोडेयार द्वारा की गई थी। दूसरा यह भी माना जाता है कि इसी दिन चामुंडेश्वरी देवी ने महिषासुर राक्षस का वध किया था।
समय बीतने के साथ ही जगह-जगह दशहरे मनाने के तरीकों में कई तरह के बदलाव किए गए। लेकिन आज भी मैसूर के दशहरे जैसी भव्यता कहीं और देखने को नहीं मिलती। इसका शाही अंदाज आज भी कायम है। इस दिन का खास आकर्षण होता है शाही दरबार और मैसूर पैलेस से लेकर बन्नीमंडप मैदान तक निकलने वाली सवारी। दशहरे के पहले दिन शाही तलवार की पूजा होती है। इस दिन की सवारी में हाथी, घोड़े, ऊंट, नर्तक सभी शामिल होते हैं। अगले दिन जंबो सवारी होती है। लगभग पूरे शहर का चक्कर लगाने वाली इस सवारी के लिए हाथियों को खासतौर से ट्रेनिंग दी जाती है। एक हाथी की पीठ पर चामुंडेश्वरी देवी की बड़ी सी प्रतिमा विराजमान होती है। इस सवारी में सुंदर-सुंदर झांकियां भी शामिल होती है। कहा जाता है कि बन्नीमंडप मैदान में ही वह पेड़ स्थित है जहां पांडवों ने अज्ञातवास प्रस्थान से पहले अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे।
मैसूर के दशहरे में ही कई तरह की प्रतियोगिताओं जैसे कुश्ती, योगा, ट्रेजर हंट, पेट शो, फूड फेस्टिवल व हेरिटेज टूर का भी आयोजन होता है। मैसूर में दशहरा फेस्टिवल पर करोड़ों खर्च किए जाते हैं। इन दिनों शुरू होनेवाली ट्रेड एग्जीबिशंस महीनों तक चलती है। तो क्यों न इस बार मैसूर जाकर मनाएं दशहरे का फेस्टिवल।
Pic credit- pexels
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।