दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Chinese Kali Temple: नवरात्रि का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज पहले दिन कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर मंदिरों को सजाया गया है। वहीं, सार्वजनिक जगहों पर पंडाल लगाया गया है। खासकर, कोलकाता में मां दुर्गा की पूजा भव्य तरीके से की जाती है। इसके लिए कोलकाता में उत्सव जैसा माहौल रहता है। नवरात्रि में कोलकाता के हर घर में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा उपासना की जाती है। नवरात्रि में श्रद्धालु मां के दर्शन हेतु कोलकाता जाते हैं। अगर आप भी नवरात्रि में कोलकाता जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो चाइनीज काली मंदिर जरूर जाएं। आइए, इस मंदिर के बारे में सबकुछ जानते हैं-

चाइनीज काली मंदिर

'काली है कलकत्ते वाली' मां काली के उपासक कोलकाता में बहुत हैं। नवरात्रि के अलावा, दीवाली के मौके पर मां काली की पूजा की जाती है। इसे काली पूजा के नाम से जाना जाता है। कोलकाता में मां काली के अनेकों मंदिर हैं। इनमें एक चाइनीज काली मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर कोलकाता के टेंगरा में स्थित है। बड़ी संख्या में चीन के लोग टेंगरा में रहते हैं। इसके लिए इलाके को चाइना टाउन कहा जाता है। इस मंदिर का नाम चाइनीज रखने के पीछे की कहानी कुछ इस प्रकार है।

ऐसा कहा जाता है कि एक समय की बात है। जब एक चीनी दंपत्ति का 10 वर्षीय बेटा बहुत बीमार हो गया था। डॉक्टर ने भी बच्चे की बिगड़ती हालत देख जवाब दे दिया था। उस समय माता-पिता चिंतित हो उठे। तभी लोगों ने उन्हें मां काली के शरण में जाने की सलाह दी। तब माता पिता अपने बच्चे को टेंगरा स्थित मां काली मंदिर लेकर गए। वहीं, मंदिर परिसर में अपने बच्चे को रख मां काली से प्रार्थना की। मां ने उनकी फरियाद सुन ली। इसके बाद वह बच्चा स्वस्थ हो गया। उस समय से चीनी लोगों में मां काली के प्रति श्रद्धा बढ़ गई। आज चीनी लोग सच्चे दिल से मां काली की पूजा अर्चना करते हैं। सबसे खास बात यह है कि मां को प्रसाद में नूडल्स और चाऊमीन समेत अन्य चाइनीज चीजें भेंट की जाती है। आप भी मां काली का आशीर्वाद पाने के लिए चाइनीज काली मंदिर जरूर जाएं।

Edited By: Pravin Kumar

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