ट्रेन में खाने की क्वालिटी खराब लगे तो कैसे करें शिकायत? रेलवे का यह हेल्पलाइन नंबर आएगा आपके काम
भारतीय ट्रेन में सफर के दौरान अगर खाने की क्वालिटी खराब लगे या उसमें गंदगी मिले, तो यात्री रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

रेलवे देता है खराब खाने पर शिकायत का मौका (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेल से हम सभी कभी न कभी सफर जरूर करते हैं। यात्रा के दौरान अगर खाने में कीड़े-मकोड़े या कोई गंदगी निकल आए, तो गुस्सा आना लाजमी है। ऐसा खाना खाने से आपकी सेहत भी बुरी तरह बिगड़ सकती है।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि ऐसी स्थिति में आपको मन मारकर बैठने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जी हां, रेलवे आपको खराब क्वालिटी वाले भोजन के खिलाफ एक्शन लेने की पूरी सुविधा देता है। आइए जानते हैं कैसे।
तुरंत डायल करें यह खास नंबर
अगर आपको ट्रेन के सफर में परोसी गई प्लेट में कॉकरोच या किसी भी तरह की गंदगी नजर आती है, तो आप तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल मिला सकते हैं। फोन पर आपको बस अपनी ट्रेन का नंबर, अपने कोच का नाम और सीट नंबर बताना होगा। इसके बाद रेलवे के अधिकारी खुद इस मामले की छानबीन करते हैं।
सबूत के लिए मोबाइल का करें इस्तेमाल
अपनी शिकायत को मजबूत बनाने के लिए सबूत होना बहुत जरूरी है। इसलिए, खराब खाने की शिकायत करने से पहले अपने मोबाइल से उसका एक वीडियो या फोटो जरूर खींच लें। इस पक्के सबूत से जांच एजेंसियों को सच्चाई का पता लगाने और मामले की पुष्टि करने में काफी आसानी होती है।
सोशल मीडिया 'X' पर उठाएं आवाज
अगर आप फोन नहीं करना चाहते, तो आप सोशल मीडिया का सहारा भी ले सकते हैं। आप अपनी शिकायत को सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर सकते हैं। बस अपनी फोटो या वीडियो को वहां अपलोड करें और अपनी बात लिख दें।
पैसे होंगे रिफंड, ठेकेदार पर गिरेगी गाज
आपकी शिकायत के बाद जब जांच होती है और अगर यह साबित हो जाता है कि आपको दिया गया खाना सच में खराब था, तो आपको खाने के लिए चुकाई गई पूरी रकम वापस मिल सकती है। इतना ही नहीं, जिस केटरिंग कंपनी ने वह खाना सप्लाई किया था, रेलवे की तरफ से उस पर कड़ा एक्शन भी लिया जा सकता है।
शिकायत करने से दूसरों का भी फायदा
अगर सफर के दौरान आपको खाने में कोई भी गड़बड़ी दिखती है, तो शिकायत जरूर करें। आपकी इस जागरूकता से भविष्य में यात्रा करने वाले अन्य लोगों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेलवे का भी दावा है कि वे खाने-पीने की सर्विस को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और यात्रियों की शिकायतों पर पूरी गंभीरता से एक्शन लेते हैं।
