ट्रेन के सफर में शोर मचाने वालों की खैर नहीं! जुर्माने से लेकर जेल तक की आ सकती है नौबत, पढ़ें रेलवे के नए नियम
भारतीय रेलवे ने ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल इस्तेमाल करने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है।

ट्रेन में फुल वॉल्यूम पर गाने सुनना पड़ेगा भारी! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। रेल का सफर कई लोगों का पसंदीदा होता है, लेकिन कई बार यह सफर तब सिरदर्द बन जाता है जब आस-पास बैठा कोई व्यक्ति मोबाइल पर तेज आवाज में वीडियो देखने लगता है या फोन पर चिल्ला-चिल्ला कर बात करता है।
बिना ईयरफोन के रील और गाने बजने से पूरी बोगी का सुकून छिन जाता है। अगर आप भी सफर के दौरान इस समस्या से जूझते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। अब भारतीय रेलवे ने ऐसे यात्रियों की क्लास लगाने का पूरा इंतजाम कर लिया है। आइए डिटेल में जानते हैं कि रेलवे के नए नियम क्या कहते हैं और उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
अब नियम तोड़ा तो जाना पड़ सकता है जेल
रेलवे ने साफ कर दिया है कि अब ट्रेन या स्टेशन परिसर में दूसरों को परेशान करना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है। रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत बिना ईयरफोन के मोबाइल पर तेज आवाज में कुछ भी सुनना या जोर-जोर से फोन पर बात करना सख्त मना है। ऐसा करने वाले व्यक्ति पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी करने पर मुसाफिर को 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।
टीटीई को मिली ऑन-द-स्पॉट एक्शन की पावर
यात्रियों को शांत और आरामदायक सफर का अनुभव देने के लिए रेलवे ने टिकट चेकिंग स्टाफ और कमर्शियल अधिकारियों के अधिकार बढ़ा दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन में शोर मचाकर दूसरों की नींद या शांति खराब करता है, तो टीटीई तुरंत उस पर 1,000 रुपये का चालान काट सकते हैं। इसके अलावा, हालात बिगड़ने पर अधिकारी को यह भी हक है कि वह उस परेशान करने वाले यात्री को बीच सफर में ही ट्रेन से नीचे उतार दे।
यहां शुरू हो चुकी है विशेष सख्ती
नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए दक्षिण रेलवे और दक्षिण-पश्चिम रेलवे ने अपने सभी डिवीजनों को अलर्ट कर दिया है। लोगों तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर स्थानीय भाषाओं में खास पोस्टर और नोटिस लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्पीकर पर लगातार अनाउंसमेंट भी की जा रही है।
समझदारी दिखाकर ही सुहाना बनेगा सफर
सख्ती के साथ-साथ रेलवे ने लोगों से एक जिम्मेदार नागरिक बनने की गुजारिश भी की है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि सफर के दौरान मोबाइल चलाते समय हमेशा ईयरफोन का इस्तेमाल करें। साथ ही, फोन को साइलेंट या वाइब्रेट मोड पर रखने की आदत डालें, ताकि आपके साथ बैठे बाकी मुसाफिर भी अपनी यात्रा का शांति से आनंद ले सकें।
