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ट्रेन मे आप सो रहे हैं और TTE आ जाए तो क्या वह आपको उठा सकता है? जानिए रेलवे का टिकट चेक करने का नियम

Published: Thu, 03 Sep 2026 04:45 PM (IST)

रात 10 बजे के बाद ट्रेन में टीटीई द्वारा टिकट जांच को लेकर रेलवे के नियम स्पष्ट हैं। यदि यात्री ...और पढ़ें

रात 10 बजे के बाद टीटीई टिकट जांच के रेलवे नियम (जागरण ग्राफिक्स)

रात 10 बजे के बाद टीटीई टिकट जांच के रेलवे नियम (जागरण ग्राफिक्स)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रात में ट्रेन से सफर करना आम तौर पर कई लोगों को पसंद होता है। इसीलिए यात्री रात की ट्रेन चुनते हैं ताकि आराम से सोते हुए वे अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। कई बार ऐसा होता है कि रात के सफर के दौरान नींद में खलल डालने के लिए टीटीई आपकी टिकट चेक करने आ जाता है।

ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या रात 10 बजे के बाद टीटीई टिकट चेक कर सकता है या नहीं? सही जानकारी न होने से भ्रम फैलता है। यहां हम बताएंगे कि टिकट चेकिंग को लेकर क्या कहता है रेलवे का नियम।

टीटीई के पास होती है पूरी डिटेल

हर ट्रेन में टीटीई के पास यात्रियों की पूरी डिटेल होती है। इसमें बोर्डिंग स्टेशन और समय भी लिखा होता है। अगर कोई यात्री रात 10 बजे या उसके बाद ट्रेन में चढ़ता है तो टीटीई शांति से उसके पास जाकर उसका टिकट देख सकता है क्योंकि बोर्डिंग समय ही देर रात का है।

अगर कोई यात्री पहले से सफर कर रहा हो और 10 बजे के बाद बेवजह उसे उठाकर टिकट मांगी जाए तो यह पूरी तरह गलत और रेलवे के नियमों के खिलाफ है।

टीटीई कब नहीं चेक सकता है टिकट?

अगर रात 10 बजे के बाद टीटीई बिना किसी वजह के आपको परेशान करता है या बार-बार टिकट मांगता है, तो यात्री तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे एक्टिव है और शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

रेलवे इन नियमों को सख्ती से लागू करता है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। कई यात्री नियमों की जानकारी न होने के कारण चुप रहते हैं, लेकिन अब अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर शिकायत जरूर करें।

हमेशा टिकट दिखने के लिए रहे तैयार

रात में चेकिंग सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि सुरक्षा का हिस्सा है। कई बार बिना चेकिंग के कोई भी व्यक्ति ट्रेन में चढ़ जाता है। इससे रेलवे को नुकसान होता है और अन्य यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

कभी-कभी चोर भी इसी समय का फायदा उठाकर सामान चुराने की कोशिश करते हैं। इसलिए पेपर टिकट हो या डिजिटल, दिखाने के लिए तैयार रहें।

यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता

रात की यात्रा में टिकट हमेशा आसान पहुंच में रखें। टीटीई के आने पर घबराएं नहीं। यह प्रक्रिया पूरे सफर को सुरक्षित बनाने के लिए अपनाई जाती है। नियमों का पालन करने से यात्रा चिंता मुक्त रहती है।

रात की ट्रेनों में टीटीई की भूमिका सिर्फ टिकट जांच तक सीमित नहीं। वे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सही जानकारी से भ्रम दूर होता है और यात्रा अनुभव बेहतर बनता है। अगली बार रात की ट्रेन में चढ़ते समय इन बातों का ध्यान रखें।

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