पहली बार प्लेन में बैठ रहे हैं? जरूर जान लें एयरपोर्ट के ये नियम, छोटी-सी गलती से छूट सकती है आपकी फ्लाइट
इस आर्टिकल में हमने एयरपोर्ट से जुड़े कुछ जरूरी नियमों की जानकारी दी है, जो पहली बार हवाई सफर करने वाले लोगों के बेहद काम आ सकती है।

पहली बार कर रहे हैं हवाई सफर? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप पहली बार फ्लाइट से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं? अगर हां, तो लाजमी है कि आपके मन में इससे जुड़े कई सवाल उठ रहे होंगे। अक्सर लोगों को एयरपोर्ट से जुड़े नियमों की जानकारी नहीं होती, जिससे उनका सफर रोमांच की जगह घबराहट की वजह बन जाता है।
बता दें, एयरपोर्ट के एंट्री गेट से लेकर फ्लाइट में अपनी सीट तक पहुंचने के बीच आपको कई जरूरी चरणों से गुजरना पड़ता है। जानकारी की कमी में एक छोटी-सी भी चूक आपको परेशानी में डाल सकती है। आपकी इसी समस्या को दूर करने और आपके पहले हवाई सफर को यादगार बनाने के लिए, हम एयरपोर्ट के कुछ खास नियमों की स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी पेश कर रहे हैं।

(Image Source: AI-Generated)
समय का रखें पूरा ख्याल
एयरपोर्ट पर आप ट्रेन की तरह ऐन मौके पर नहीं पहुंच सकते। यही वजह है कि सिक्योरिटी और दूसरी चेकिंग में अच्छा-खासा समय लगता है। इसलिए, अगर आपकी उड़ान देश के भीतर यानी घरेलू है, तो फ्लाइट के समय से कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचना जरूरी है। वहीं, विदेश जाने के लिए 3 से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना चाहिए। एक और बात ध्यान रखें, उड़ान भरने से करीब 45 मिनट पहले विमान में चढ़ने यानी बोर्डिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और 25 मिनट पहले बोर्डिंग गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं।
एंट्री गेट पर दिखाने होते हैं जरूरी डॉक्यूमेंट्स
एयरपोर्ट के अंदर दाखिल होने के लिए आपके पास फ्लाइट की टिकट (ई-टिकट या प्रिंटआउट) और सरकार द्वारा जारी एक वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे- ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या पासपोर्ट) होना चाहिए। विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य है। लाइनों से बचने के लिए, आप 'DigiYatra App' का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपको बायोमेट्रिक के जरिए झटपट एंट्री दिला देता है।
सामान को लेकर क्या हैं नियम?
एयरपोर्ट पर सामान ले जाने के नियम काफी सख्त हैं। इसे ऐसे समझें:
- चेक-इन बैगेज: यह आपका बड़ा सूटकेस होता है जो एयरलाइन काउंटर पर जमा हो जाता है। घरेलू उड़ानों में एक यात्री अमूमन 15 किलो तक का सामान इस बैग में ले जा सकता है।
- केबिन बैगेज: यह एक छोटा बैग या लैपटॉप बैग होता है, जिसे आप अपने साथ विमान में ले जा सकते हैं। इसका वजन 7 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सामान: पावर बैंक, लैपटॉप, कैमरा और चार्जर जैसी बैटरी वाली चीजें सिर्फ केबिन बैग में ही रखनी होती हैं। चेक-इन बैग में इन्हें डालना सख्त मना है।
- क्या न ले जाएं: केबिन बैग में माचिस, लाइटर, कैंची या चाकू जैसी कोई भी धारदार वस्तु रखना सख्त मना है।
बोर्डिंग पास और चेक-इन
एयरपोर्ट में एंट्री के बाद आपको अपना बोर्डिंग पास लेना होता है। यह विमान में चढ़ने का पास होता है। लंबी लाइनों से बचने के लिए यात्रा से 48 घंटे पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से 'वेब चेक-इन' कर लें। अगर यह नहीं कर पाते हैं, तो एयरपोर्ट पर एयरलाइन के काउंटर पर जाकर अपना बड़ा सामान जमा करें और बोर्डिंग पास ले लें। बता दें, डीजीसीए के नियमों के अनुसार एयरलाइंस को उड़ान की कम से कम 60% सीटें मुफ्त चुनने के लिए रखनी होती हैं।
सिक्योरिटी चेक
सिक्योरिटी चेक एरिया में आपको अपने केबिन बैग से लैपटॉप, मोबाइल, पावर बैंक और चार्जर निकालकर वहां रखी ट्रे में रखने होते हैं। बेल्ट, जैकेट, पर्स और भारी घड़ियां भी ट्रे में रखनी होंगी। आपका सामान एक्स-रे मशीन से गुजरेगा और आपको मेटल डिटेक्टर से निकलना होगा, जहां सुरक्षाकर्मी आपकी जांच करेंगे।
फ्लाइट में बोर्डिंग
सिक्योरिटी चेक के बाद अपने बोर्डिंग पास पर लिखे 'गेट नंबर' को देखें। डिस्प्ले स्क्रीन पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस देखते हुए अपने तय गेट की तरफ जाएं। जब बोर्डिंग का अनाउंसमेंट हो, तो एयरलाइन कर्मचारी आपका पास स्कैन करेंगे। इसके बाद आप एयरोब्रिज या बस के जरिए विमान तक पहुंचेंगे, जहां एयरहोस्टेस को अपना पास दिखाकर अपनी सीट पर बैठ सकेंगे।
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