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    गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ यहां करें सैर

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    Updated: Wed, 02 Apr 2014 04:08 PM (IST)

    भारत में पर्यटन स्थलों की भरमार है। अगर आप गर्मियों की छुट्टी में प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखना चाहते है और वहां के बारे जानने चाहते है तो देर किस बात की अपना बैग पैक करें और निकल जाएं इन डेस्टिनेशन की सैर पर। यहां का हर टूरिस्ट स्पॉट अपने आप में खास है। हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां आ

    गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ यहां करें सैर

    भारत में पर्यटन स्थलों की भरमार है। अगर आप गर्मियों की छुट्टी में प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखना चाहते है और वहां के बारे जानने चाहते है तो देर किस बात की अपना बैग पैक करें और निकल जाएं इन डेस्टिनेशन की सैर पर। यहां का हर टूरिस्ट स्पॉट अपने आप में खास है। हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां आकर अपनी छुट्टियों को यादगार बनाते हैं। अगर आप गर्मी की छुट्टियों को शांत और प्राकृतिक वातावरण में बिताना चाहते हैं तो अपने परिवार के साथ यहां का प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। पेश है कुछ समर डेस्टिनेशन जहां आप अपने परिवार के संग कुछ पल बिताएं:-

    गोवा
    गोवा शांतिप्रिय पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को बहुत भाता है। इसे 'पर्ल ऑफ ओरिएंट' व पर्यटकों का स्वर्ग कहते हैं। खूबसूरत समुद्री तट के लिए प्रसिद्ध गोवा देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। गोवा के तट (बीच) विश्व प्रसिद्ध हैं। यहां पर्यटकों का हमेशा आना जाना लगा रहता है। गोवा एक छोटा-सा राज्य है। यहां छोटे-बड़े लगभग 40 समुद्री तट है। गर्मियों में गोवा के समुद्री तटों पर टहलने, रेत और लहरों का आनंद लेने के लिए पर्यटक आते हैं। गोवा में पर्यटकों की भीड़ सबसे अधिक गर्मियों के महीनें में होती है।

    लोनावाला
    लोनावाला भारत के महाराष्ट्र राज्य में पुणे जिले का ख़ूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र है। यह पुणे के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। लोनावाला को सहयाद्रि श्रेणी का गहना भी कहा जाता है। शहर की भागदौड़ से दूर एक खुशनुमा वादियों वाला हिल स्टेशन लोनावाला है। मुंबई और पुणे का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले लोनावाला को महाराष्ट्र का स्विटजरलैंड भी कहा जाता है। लोनावाला का सुहाना मौसम और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। शांत वातावरण, शुद्ध हवा और हरियाली के बीच छुट्टी बिताने के लिए लोनावाला आदर्श स्थान है।

    शिमला
    शिमला भारत के साथ-साथ पूरी दूनिया में अपने अनुपम सौंदर्य के कारण सैलानियों का पंसदीदा दर्शनीय स्थल रहा है। पहाड़ी ढलानों पर बने मकानों और खेतों, देवदार, चीड़ और माजू के जंगलों से घिरा शिमला बहुत आकर्षक दिखाई देता है। कालका से धीमी रफ्तार से चलती छोटी रेलगाड़ी से यहां आना सुखद महसूस होता है। शिमला की घाटियों में बहते झरने और मैदान शिमला की शोभा बढ़ाते हैं। शिमला की खोज अंग्रेजों ने सन् 1819 में की थी। चा‌र्ल्स कैनेडी ने यहां पहला ग्रीष्मकालीन घर बनाया था। जल्दी ही शिमला लॉर्ड विलियम बेन्टिन्क की नजरों में आ गया जो 1828 से 1835 तक भारत के गवर्नर जनरल थे। 19 वीं सदी के अतं में यहां ब्रिटिश वाइसरॉय के आवास (राष्ट्रपति निवास) का निर्माण हुआ था। आजकल इसमें इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्म कालीन राजधानी शिमला राज्य का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है।

    दार्जिलिंग
    'क्वीन ऑफ हिल्स' यानी पहाड़ों की रानी' नाम मशहूर दार्जिलिंग छुट्टियां मनाने के लिए बेहतरीन शहर माना जाता है। पश्चिम बंगाल के इकलौते पर्वतीय पर्यटन स्थल दार्जिलिंग की गिनती विश्व के सबसे खूबसूरत पर्वतीय पर्यटन स्थलों में की जाती है। टॉय ट्रेन दार्जिलिंग के प्रसिद्ध हिल स्टेशन की सुंदर वादियों की सैर कराती है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को 1999 में यूनेस्को द्धारा विश्व धरोंहरों की सूची में शामिल कर लिया गया था। दार्जिलिंग की यात्रा का खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं। अब चाय के लिए ही दार्जिलिंग विश्व स्तर पर जाना जाता है।

    पंचमढ़ी मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पंचमढ़ी मध्य भारत के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में एक है। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर बसा पंचमढ़ी मध्य प्रदेश का यह एकमात्र हिल स्टेशन है। हरे-भरे और शांत पंचमढ़ी में बहुत-सी नदियों और झरनों के गीत सैलानियों में मंत्रमुग्ध कर देते हैं। पंचमढ़ी घाटी की खोज 1857 में बंगाल लान्सर के कैप्टन जेम्स फोरसिथ ने की थी। इस स्थान को अंग्रेजों ने सेना की छावनी के रूप में विकसित किया। पंचमढ़ी में आज भी ब्रिटिश काल के अनेक चर्च और इमारतें देखी जा सकती हैं। यहां घने जंगल, जलप्रपात और तालाब हैं। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान का भाग होने के कारण यहां आसपास बहुत घने जंगल हैं। यहां की गुफाएं पुरातात्विक महत्व की हैं क्योंकि यहां गुफाओं में शैलचित्र भी मिले हैं।

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