लैंसडाउन एक शांत-मनोरम स्थल है। बेशक यहां एडवेंचर एक्टिविटीज की कमी है लेकिन सुकून के पल बिताने का यहां भरपूर मौका मिलता है। यहां भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स का कमांड ऑफिस है। शायद इसी वजह से लगभग 1707 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस स्थल की नैसर्गिक सुंदरता आज भी बरकरार है। लैंसडाउन दिल्ली के करीब घूमने वाली अच्छी जगहों में से एक है। जहां के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसे भी नहीं खर्च करने पड़ते।

भुल्ला ताल में नौका विहार

पर्यटकों के लिए यहां गिने-चुने ही ऑप्शन्स हैं, जिनमें से एक भुल्ला ताल है। यह मानव निर्मित झील है, जिसका निर्माण गढ़वाल राइफल्स ने कराया है। इसमें नौका विहार का आनंद लिया जा सकता है। झील किनारे बैठकर आसपास के नजारों का लुत्फ भी ले सकते हैं। पास में ही एक छोटा सा हैंडीक्राफ्ट शोरूम भी है जहां सिल्क और कॉटन की साड़ियां मिलती हैं। यहां कई स्नैक प्वॉइंट्स हैं, जहां आलू टिक्की, समोसा और कई तरह के स्वादिष्ट स्नैक्स मिलते हैं। आप यहां स्थानीय बाजार स्थित आर्मी बेकरी के स्नैक्स चखना न भूलें। जो सस्ते और स्वाद में नंबर वन होते हैं।

ताड़केश्वर शिव मंदिर

लैंसडाउन से 40 किलोमीटर दूर है 600 साल पुराना ताड़केश्वर शिव मंदिर। पूरा इलाका देवदार के घने पेड़ों से पटा हुआ है जहां कई बार सूरज की रोशनी तक नहीं पहुंचती। यहां आकर इसके दर्शन करना तो बनता है।

सेंट मेरी चर्च में शांति का अनुभव

लैंसडाउन का नाम 1888 से 1894 के बीच भारत के वायसरॉय रहे लॉर्ड लैंसडाउन के नाम पर पड़ा। यहां का सेंट मेरी चर्च खासा लोकप्रिय है। पाइन एवं देवदार के जंगल के मध्य स्थित गोथिक स्टाइल के चर्च में प्रवेश के बाद असीम शांति का अनुभव होता है। पहाड़ की एक चोटी पर स्थित होने के कारण इस चर्च के पास से संपूर्ण घाटी और हिमालय को निहारने का अपना अलग रोमांच होता है। सफेद बादलों और हरियाली से भरपूर जंगलों को देखकर लगता है कि जैसे यह किसी चित्रकार का कैनवास हो।

टिप इन टॉप से निहारें घाटी

सेंट मेरी चर्च से ट्रैक करते हुए आप यहां पहुंच सकते हैं। टिप इन टॉप (टिफनी टॉप) को लैंसडाउन का स्नो व्यू प्वाइंट भी कहते हैं। यहां सफेद हिमालय को एकटक निहारना और खामोश पहाड़ों पर मुस्कुराते वृक्षों को देखना अनठा एहसास होता है।

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Edited By: Priyanka Singh