April Fairs and Festivals: अप्रैल में करें इन जगहों की सैर का प्लान और साथ ही लें फेस्टिवल के मज़े
April Fairs and Festivals अप्रैल माह में नवरात्रि बिहू बैशाखी जैसे कई त्योहार आते हैं। तो अगर आप इस माह में घूमने-फिरने की सोच रहे हैं तो क्यों न ऐसी जगहों का प्लान करें जहां घूमने के साथ आप इन फेस्टिवल्स की भी रौनक दे सके।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क, April Fairs and Festivals: अप्रैल माह में भारत के अलग-अलग राज्यों में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं जिसकी रौनक आप उसमें शामिल होकर ही देख सकते हैं। क्योंकि अप्रैल में मौसम घूमने के अनुकूल होता है और इस माह में गुड फ्राइडे का लॉन्ग वीकेंड भी पड़ रहा है तो आप इसका फायदा उठाकर ऐसी जगहों का प्लान कर सकते हैं जहां सैर-सपाटे के साथ फेस्टिवल के भी मजे ले सकें।
1. ट्यूलिप फेस्टिवल, कश्मीर
जबरवान रेंज की तलहटी में इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन स्थित है। यह श्रीनगर की डल झील के पास है। इस गार्डन में लगभग 60 किस्मों और रंगों वाले 15 लाख से भी ज्यादा ट्यूलिप देखने को मिलते हैं। ट्यूलिप के अलावा यहां डैफोडील्स, जलकुंभी और रेनकुलस की भी कई वैराइटी देख सकते हैं। यह गार्डन अप्रैल के अंत तक खुला रहेगा।
2. बैसाखी, पंजाब
बैसाखी, जो अमृतसर, पंजाब में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भारत के सबसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों में से एक है यह। बैसाखी का दिन पारंपरिक सौर नव वर्ष का पहला दिन होता है। इस समय के दौरान फसल पूरी हो जाती है और किसान फ़सलों की कटाई को जश्न की तरह मनाते हैं। फसल कटाई का उत्सव अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह में मनाया जाता है लेकिन तरीका एक समान ही होता है। तो बैसाखी की रौनक देखने के लिए आप पंजाब का प्लान कर सकते हैं।
3. बिहू, असम
बिहू, असम में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भी फसल की कटाई से ही जुड़ा है जो साल में तीन बार मनाया जाता है। असम के तीन बिहू त्योहारों के नाम हैं रोंगाली बिहू या बोहाग बिहू , भोगाली बिहू या माघ बिहू , और कोंगाली बिहू या कटी बिहू। तो आप इस माह असम घूमने-फिरने का भी प्लान बना सकते हैं। ड्रम और बाजों के आवाज के साथ यहां के लोक नृत्य को इस समारोह के दौरान देखने का अलग ही आनंद होता है।
4. मोपिन फेस्टिवल, अरुणाचल प्रदेश
मोपिन फेस्टिवल, अरुणाचल प्रदेश का मुख्य त्योहार है। इसे यहां की गालो (galo) जनजाति नए साल की खुशी के रूप मे मनाती है। ये फेस्टिवल पूरे एक हफ्ते तक चलता है। अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी समूहों में से एक, गैलोंग समुदाय कल्याण, धन, शांति, समृद्धि और ज्ञान की देवी को प्रसन्न करने के लिए मोपिन त्योहार मनाता है। यह फेस्टिवल प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों, बुरी आत्माओं के प्रभाव से छुटकारा पाने और अच्छी फसल, धन, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए मनाया जाता है।
Pic credit- pexels
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