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हर रिश्ता गुजरता है प्यार के इन 7 पड़ावों से, चौथे स्टेज में क्यों टूटने लगते हैं ज्यादातर रिश्ते?

Published: Sat, 31 Oct 2026 11:28 AM (IST)

हर रिश्ता कई पड़ावों से गुजरता है, जिनमें से चौथा चरण अक्सर ब्रेकअप का कारण बनता है क्योंकि इसमें पॉवर स्ट्रगल होता है।

प्यार के इन 7 पड़ावों से हर रिश्ता गुजरता है (Image Source: AI Generated)

प्यार के इन 7 पड़ावों से हर रिश्ता गुजरता है (Image Source: AI Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोई रिश्ता इसलिए नहीं टूटता कि उसमें किसी की गलती थी, बल्कि इसलिए टूटता है क्योंकि वह अपने स्टेज के हिसाब से बदल रहा होता है। हर एक सफल रिश्ते के चरण होते हैं, जो ज्यादातर मामलों में एक जैसे होते हैं। किसी स्टेज में कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती, तो किसी में कपल उस रिश्ते को बनाए रखने के लिए खूब संघर्ष करते हैं। 

ऐसे में अगर आप भी किसी रिश्ते में संघर्ष कर रहे हैं और आपको आगे का रास्ता समझ नहीं आ रहा, तो हो सकता है कि वह रिलेशनशिप किसी स्टेज से गुजर रहा हो। आइए इसके बारे में विस्तार से बात करते हैं। 

पहला स्टेज: जुनून और आकर्षण 

यह रिश्ते का वो चरण होता है जब हम किसी के प्रति तीव्र आकर्षण और जुनून महसूस करते हैं। इसे ही हम प्यार का नाम देते हैं क्योंकि इस दौरान पार्टनर हमारे दिमाग में हर समय रहता है। यह रिलेशनशिप के लिए जरूरी है, पर यह जरूरी नहीं कि इन सब चीजों की वजह से वह लंबे समय टिका रहे। 

दूसरा स्टेज : खोजना और मोहभंग हो जाना 

इस स्टेज में हम अपने प्यार वाली सपनों की दुनिया से बाहर निकलने लगते हैं। आप उनकी आदतों और बर्ताव को गहराई से देखने लगते हैं, जो बिल्कुल भी चार्मिंग नहीं लगते। उनका किसी बात पर रूखा व्यवहार, पैसे और समय को मैनेज करने का तरीका, बात करने का तरीका जैसी बहुत सी बातें के बारे में पता चलता है। यह स्टेज पहली स्टेज का टेस्ट होती है कि इस सवाल के साथ कि क्या हम उस व्यक्ति को वैसे ही अपना सकते हैं। 

तीसरा स्टेज : कमिटमेंट और मर्जी 

कमिटमेंट की कीमत किसी भी लीगल डॉक्यूमेंट से भी ज्यादा होती है। यह पार्टनर की खूबियों के साथ उसकी कमियों को अपनाते हुए रिलेशनशिप में बने रहने की इच्छा है।  

चौथा स्टेज : पॉवर स्ट्रगल और बाउंड्री 

एक बार जब कमिटमेंट मिल जाती है, तब एक और चुनौती खड़ी होती है कि किसके पास कितना कंट्रोल, कौन सी जिम्मेदारी किसकी है और फाइनेंशियल कंट्रोल किसके पास रहेगा। कई बार इस स्टेज में आकर भी रिश्ता टूट जाता है क्योंकि वह बैलेंस नहीं बन पाता। 

पांचवा स्टेज : स्टेबिलिटी और टीमवर्क 

जो लोग चौथे स्टेज को पार कर लेते है वो रिश्ते के स्टेबिलिटी और टीमवर्क वाले मोड में चले जाते हैं। इस दौरान ज्यादा इमोशनल सेफ्टी महसूस होती है, क्योंकि अब आप पार्टनर के अच्छी-बुरी बातों के अलावा उनके व्यवहार को भी अच्छे से जान गए हैं। 

छठा स्टेज : कनेक्शन की गहराई और इंटीमेसी 

यह पहले स्टेज का ही एडवांस चरण है क्योंकि इस समय रिश्ते में सिर्फ आकर्षण नहीं रह जाता, बल्कि वह फिजिकली और इमोशनली भी गहराई से जुड़ता है। 

सातवां स्टेज : मुसीबतें और उसकी मरम्मत 

रिश्ते के मजबूत होने के साथ एक और परीक्षा होती है, जब जिंदगी में कोई बड़ा संकट आता है और हम साथ छोड़ने के बजाय उसका सामना करने का तय करते हैं। इसमें ट्रॉमा, बीमारी, धोखा जैसी बहुत बातें होती हैं, जो रिश्ते को या तो संभाल सकती हैं या उसकी नींव ही हिला डालती हैं।  

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