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दोस्तों का मैसेज या कॉल देखकर होने लगती है झुंझलाहट, कहीं आप भी 'फ्रेंडशिप फटीग' का शिकार तो नहीं? ऐसे करें पहचान

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:00 AM (IST)

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में दोस्तों से मिलने या बात करने में थकान महसूस होना 'फ्रेंडशिप फटीग' कहलाता है।

क्या होता है फ्रेंडशिप फटीग? (AI Generatd Image)

क्या होता है फ्रेंडशिप फटीग? (AI Generatd Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे पास काम, परिवार और खुद के लिए समय निकालना ही मुश्किल लगता है। ऐसे में दोस्तों से मिलने के लिए समय निकालना या उनसे रोज बात करना एक भारी काम जैसा लगने लगता है। इसे ही फ्रेंडशिप फटीग कहा जाता है। 

दोस्ती निभाने का दबाव या बार-बार मिलने के लिए समय निकालना, मेंटल हेल्थ पर असर डालने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि फ्रेंडशिप फटीग से हम खुद को बताएं। आइए जानें फ्रेंडशिप फटीग में क्या होता है और इससे कैसे बच सकते हैं।

क्या है फ्रेंडशिप फटीग?

ये ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को अपने दोस्तों के साथ मिलने-जुलने, कॉल या मैसेज का जवाब देने या सोशल गैदरिंग में शामिल होना थकान भरा महसूस होने लगे। ये थकान शारीरिक नहीं, मानसिक होती है। इसका मतलब ये नहीं कि आप अपने दोस्तों को पसंद नहीं करते। ये सिर्फ इस बात का संकेत है कि रोजमर्रा भाग-दौड़ में आपकी सोशल बैट्री खत्म हो चुकी है। 

फ्रेंडशिप फटीग के लक्षण कैसे होते हैं? 

जैसे ही किसी दोस्त का फोन या मैसेज आता है, तो आप जवाब देने के बजाय आप सोचते हैं कि बात में बात करेंगे या अजीब सी झुंझलाहट महसूस होती है। इसके अलावा, दोस्तों के साथ प्लान कैंसल करना या उनसे न मिलने के बहाने ढूंढ़ना भी फ्रेंडशिप फटीग का एक लक्षण है। इन बातों के लिए बाद में गिल्ट महसूस कि आप अपने अच्छे दोस्तों से मिलने नहीं जा रहे, फ्रेंडशिप फटीग का एक संकेत है।

फ्रेंडशिप फटीग से कैसे बचें?

हर व्यक्ति की सीमित सोशल बैट्री होती है। इसलिए अपनी बाउंड्री समझें और खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। साथ ही, जरूरी नहीं कि आप हर इवेंट या पार्टी में जाएं। अगर आप थके हुए हैं या उस पार्टी में नहीं जाना चाहते, तो अपने दोस्त को प्यार से मना कर दें। आपके सच्चे दोस्त आपके कारण को समझेंगे और आपको बेकार में बहाना भी नहीं बनाना पड़ेगा। 

फ्रेंडशिप फटीग से बचने के लिए सोशल मीडिया पर दोस्तों से थोड़ी दूरी भी जरूरी है। हर मैसेज का तुरंत जवाब देना जरूरी नहीं है। डिजिटल डिटॉक्स से आपकी मानसिक थकान दूर होगी और दोस्तों से मिलना या बात करना इतना मुश्किल नहीं लगेगा।