समय से कहीं आगे है गरासिया जनजाति, महिलाओं के पास ज्यादा अधिकार, लिव-इन की भी है पूरी आजादी
Tradition Of Live In Relationshipगरासिया जनजाति में महिलाओं को पुरूषों की अपेक्षा ऊंचा दर्जा प्राप्त है। यहां पर दहेज उत्पीड़न जैसी घटनाएं बहुत ही कम होती हैं। महिला को पार्टनर बदलने लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने समेत ऐसे कई अधिकार प्राप्त हैं जो समाज में आज भी महिलाओं के लिए आसान नहीं हैं। गरासिया जनजाति में महिलाओं को पार्टनर बदलने की भी पूर्ण स्वतंत्रता है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Tradition Of Live In Relationship: लिव-इन-रिलेशनशिप में रहना बड़े शहरों के लिए अब सामान्य बात होती जा रही है, लेकिन छोटे शहरों और कस्बों में आज भी इन रिश्ते को सम्मान की नजरों से नहीं देखा जाता है। ग्रामीण इलाकों में तो लिव-इन-रिलेशनशिप में रहना असंभव-सा लगता है। हालांकि भारत में एक ऐसी जनजाति है, जिसमें महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा अधिक अधिकार प्राप्त हैं, यहां तक की महिला अपने पसंद का पार्टनर चुनकर उसके साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह सकती है। इसके अलावा महिला अपना पर्टनर बदल भी सकती है। इसके लिए उसे पूरी आजादी है।
दुनियाभर में जहां आए दिन महिला अधिकारों की बात होती रहती है। वहीं गरासिया जनजाति की महिलाओं को सदियों पहले से ऐसे अधिकार प्राप्त हैं, जो आज भी महिलाओं को लिए आसान नहीं हैं। ऐसे में यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि गरासिया जनजाति समय से कहीं आगे है।
दरअसल, गरासिया जनजाति राजस्थान के उदयपुर, सिरोही और पाली जिले में पाई जाती है। इसके अलावा गुजरात के भी कुछ इलाकों में यह जनजाति निवास करती है। यह समुदाय मूल रूप से खेती पर निर्भर रहता है। गरासिया जनजाति में एक प्रथा है, जिसे दापा प्रथा कहते हैं। इस प्रथा के तहत दो दिन का विवाह मेला लगता है, जहां वे अपने पार्टनर को चुनकर भाग जाते हैं, फिर वापस आने पर वे लिव-इन-रिलेशनशिप में रहते हैं। कपल तभी शादी करते हैं, जब उनके पास पर्याप्त धन हो जाता है। इसके अलावा शादी के लिए एक और शर्त है कि उन्हें लिव-इन-रिलेशनशिप में रहते हुए बच्चा पैदा करना होता है। अगर बच्चा पैदा नहीं हुआ, तो कपल की शादी नहीं होती है और वे अलग हो जाते हैं, फिर दूसरा पार्टनर तलाशते हैं।
लड़के का परिवार उठाता है शादी का खर्च
लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के दौरान बच्चा पैदा होने पर दोनों के परिवार के लोग मिलते हैं और शादी की तैयारी करते हैं। शादी का पूरा खर्च लड़के के परिवार को उठाना पड़ता है। यहां तक की विवाह समारोह का आयोजन भी लड़के के घर पर ही किया जाता है। लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के दौरान भी लड़के के परिवार को लड़की के परिवार को कुछ पैसे देने होते हैं।
महिलाओं को मिला है ऊंचा दर्जा
गरासिया जनजाति में महिलाओं को पुरूषों की अपेक्षा ऊंचा दर्जा प्राप्त है। यहां पर दहेज उत्पीड़न जैसी घटनाएं बहुत ही कम होती हैं। महिला को पार्टनर बदलने, लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने समेत ऐसे कई अधिकार प्राप्त हैं, जो समाज में आज भी महिलाओं के लिए आसान नहीं हैं।
पार्टनर बदलने की स्वतंत्रता
गरासिया जनजाति में महिलाओं को पार्टनर बदलने की भी पूर्ण स्वतंत्रता है। विवाह मेले के दौरान कोई महिला अपने पार्टनर को छोड़कर दूसरे पार्टनर के साथ जा सकती है। बस इसके लिए नए पार्टनर को पुराने पार्टनर की अपेक्षा अधिक पैसे देने पड़ते हैं।
इस परंपरा को लेकर कहा जाता है कि सालों पहले गरासिया जनजाति के चार भाई थे, जो अलग-अलग जगह जाकर बस गए। इनमें तीन की शादी हुई थी, जबकि एक लिव इन में रहता था। विवाहित तीनों भाइयों के बच्चे नहीं हुए। वहीं, लिव इन में रहने वाला का वंश आगे बढ़ा। बस इसी धारणा के चलते समाज के लोगों ने इसे परम्परा के रूप में अपना लिया।
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