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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिन में महिलाओं का इतने घंटे तक बैठे रहना है खतरे की घंटी

By Pratibha Kumari Edited By:
Published: Thu, 19 Jan 2017 05:29 PM (IST)Updated: Thu, 19 Jan 2017 05:52 PM (IST)

घंटों बैठे रहने से सेहत से जुड़ी तमाम समस्‍याएं होने लगती हैं, मगर इस खतरे की घंटी से महिलाएं जरूर अनजान होंगी।

दिन में महिलाओं का इतने घंटे तक बैठे रहना है खतरे की घंटी
दिन में महिलाओं का इतने घंटे तक बैठे रहना है खतरे की घंटी

जी हां, ज्यादा देर तक बैठे रहने वाली महिलाएं सावधान हो जाएं। नए शोध का दावा है कि दिन में दस घंटे से ज्यादा समय तक बैठे रहने और कम शारीरिक गतिविधियों के चलते जल्दी बुढ़ापा आ सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार, रोजाना 40 मिनट तक हल्का-फुल्का व्यायाम करने वाली महिलाओं के टेलोमेर में गिरावट में कमी पाई गई। यह कम्पाउंड डीएनए के अंतिम छोर पर पाया जाता है जो क्रोमोसाम्स में कमी और बुढ़ापे को रोकता है।

टेलोमेर में गिरावट से कोशिकाओं की उम्र घटने लगती है। यही नहीं खराब स्वास्थ्य और जीवनशैली जैसे मोटापा, धूमपान से भी यह प्रक्रिया तेज हो सकती है। टेलोमेर में गिरावट का संबंध हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी है।


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कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता अलाद्दीन शादयाब ने कहा, 'हमारे शोध से पता चला कि सुस्त जीवनशैली से कोशिकाओं की उम्र तेजी से घटती है। वहीं सही जीवनशैली और व्यायाम से टेलोमर की गिरावट कम की जा सकती है।'

पीटीआई