नेगेटिव रहने की जगह इस सिचुएशन का उठाएं फायदा, दें खुद को और अपने पैशन को टाइम
जिंदगी हमेशा एक सेट पैटर्न पर नहीं चलती। बीच-बीच में उसमें बदलाव के दौर भी आते हैं। यह वैसा ही एक दौर है। कुछ समय बाद जिंदगी वापस पटरी पर आ ही जाएगी। इसलिए इतना परेशान क्यों होना?
आलस्य को छोड़कर रोजाना उसी तरह सोने और जागने की कोशिश करें, जैसे सामान्य दिनों में करते थे। उसी तरह समय पर एक्सरसाइज, नाश्ता, स्नान, पूजा-पाठ करें और ड्रेसअप हों। जिस तरह पहले काम में व्यस्त रहती थीं, उसी प्रकार स्वयं को व्यस्त रखें। ज्यादातर लोग टीवी, मोबाइल, के जरिए खुद को व्यस्त रखने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन और भी कई चीज़ें हैं जिन पर बोरियत से बचने के लिए फोकस कर सकती हैं।
जोड़ें संबंधों की डोर
इस समय शारीरिक दूरी बनाए रखने की बहुत जरूरत है, पर दिलों के रिश्ते मजबूत बनाने पर कोई पाबंदी नहीं है। रेगुलर फोन कॉल और वीडियो चैट के जरिए अपने संबंधियों, स्वजनों, दोस्तों, ऑफिस के सहकर्मियों से जुड़ाव रख सकती हैं। विशेषकर जो लोग अकेले रहते हैं, इस दरम्यान उनसे बातचीत का सिलसिला कायम रखने की कोशिश अवश्य करनी चाहिए। इन दिनों आप कैसा महसूस कर रही हैं, उनसे यह साझा करने के साथ ही उनके मन की बात भी जानें। इस तरह आपको भी बोरियत महसूस नहीं होगी और सकारात्मक रहने में आप दूसरों की मदद भी कर सकती हैं।
चिंताओं को बाहर निकालें
संक्रमण से जुड़ी खबरों के बारे में सोच-विचार और बातचीत न हो, यह तो मुश्किल है, पर पूरा समय इसी में बिता देना ठीक नहींहै। हर समय कोरोना संक्रमण पर चर्चा करते रहने से मन में नकारात्मक विचार जगह बनाने लगते हैं। इसलिए यह भी सुनिश्चित करें कि एक निश्चित समय पर ही आप इस विषय पर विचार-विमर्श करेंगी। दिनभर में आपके मन में जो भी दुविधा और चिंताएं दस्तक देती हैं, उन्हें एक पेपर पर लिख लें। फिर इस पर सोचने और चर्चा करने की इजाजत स्वयं को सिर्फ उस तय समय के भीतर ही दें। इस समय के अलावा आपका बाकी वक्त सिर्फ सकारात्मक और रचनात्मक रहने की कोशिशों में खर्च होना चाहिए।
खुद के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें।
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