नई दिल्ली, सीमा झा। माइंड मैपिंग टूल के बारे में आपने जरूर सुना होगा। अगर इसका उपयोग पढ़ाई के लिए किया जाए, तो फिर चीजों को लंबे समय तक याद रखना आसान हो जाता है। यदि आपने अब तक अपनी पढ़ाई में इस टूल का प्रयोग नहीं किया है, तो फिर आइए जानते हैं कैसे माइंड मैपिंग टूल्स काम करते हैं और क्या हैं इसके फायदे..

माइंड मैप उन बच्चों के लिए एक शानदार टूल है, जिन्हें विषयों से जुड़ी चीजों को सीखने और समझने में कठिनाई होती है। जब वे माइंड मैप बनाते हैं, तो उन्हें अपने विचारों को क्रम में रखने में मदद मिलती है। इसका उपयोग असाइनमेंट, होमवर्क, पढ़ाई और चीजों को लंबे समय तक याद रखने के लिए किया जा सकता है। आमतौर पर माइंड मैपिंग में टेक्स्ट, पिक्चर, कलर्स, लिंक, वीडियोज आदि का उपयोग होता है। यह न सिर्फ बच्चों को उनकी कौशल को विकसित करने में मदद करता है, बल्कि यह पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी बोरियत को भी दूर करता है। इससे बच्चों की क्रिएटिविटी और माइंड को डेवलप करने में भी मदद मिलती है।

क्या है माइंड मैप?: माइंड मैप तकनीक में चीजों को लंबे समय तक याद रखने के लिए रंग, डायग्राम, चार्ट, पिक्चर, वीडियो आदि का उपयोग किया जाता है। यह किसी टापिक को रिवीजन करने का सबसे आसान तरीका है। किसी चैप्टर को माइंड मैप करने के लिए सबसे पहले आपको उस चैप्टर को पढ़ना होगा। फिर उसे विजुअलाइज कर माइंड मैप तैयार करना होगा। अगर आप चाहें, तो इसे खुद भी कागज पर तैयार कर सकते हैं या फिर इसके लिए साफ्टवेयर की मदद भी ले सकते हैं। अगर आप किसी माइंड मैप को देखें, तो उसमें रंगों, अलग-अलग तरह के बाक्स, चिह्न, फोटो, टेक्स्ट आदि को एक-दूसरे से जोड़ कर उपयोग किया जाता है। विजुअल मैपिंग को डेवलप करने का श्रेय टोनी बुजान (Tony Buzan) को दिया जाता है।

माइंड मैपिंग से जुड़े साफ्टवेयर: अगर आप खुद कागज पर माइंड मैप तैयार करने में सहज नहीं हैं, तो फिर साफ्टवेयर की मदद ले सकते हैं। काग्गल एक ऐसा ही वेब आधारित साफ्टवेयर है। इसके लिए किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड या इंस्टाल करने की जरूरत नहीं पड़ती है। यहां पर टेक्स्ट, इमेज आदि की मदद से माइंड मैप तैयार कर सकते हैं। बेहतर माइंड मैप तैयार करने के लिए शार्टकट्स कीज भी दिए गए हैं। माइंडली माइंड मैप टूल भी काफी लोकप्रिय है। इसका उपयोग फोन पर किया जा सकता है। यहां पर चीजों को टेक्स्ट, आइकन और कलर की मदद से क्रिएट सकते हैं। इसका उपयोग चीजों को लंबे समय तक याद रखने के अलावा, ब्रेनस्टोर्मिंग आदि के लिए भी किया जा सकता है। आप चाहें, तो इसका एप भी डाउनलोड कर सकते हैं,जो एंड्रायड और आइओएस दोनों के लिए ही उपलब्ध हैं।

माइंडमप (mindmup) का उपयोग भी क्रिएटिव स्टडी के लिए किया जा सकता है। इसमें माइंड मैप तैयार करने के दौरान बड़ी फाइल को भी अटैच करने की सुविधा मिलती है। यह फ्री और पेड दोनों ही वर्जन में उपलब्ध है। इसके अलावा, माइंडमैइस्टर क्रास प्लेटफार्म को सपोर्ट करने वाला माइंड मैपिंग टूल है। अगर आप चाहें, तो इसका उपयोग वेब, आइओएस, एंड्रायड, मैकओएस और विंडोज के लिए भी कर सकते हैं। इसमें आपको लाइव वीडियोज भी जोड़ने की सुविधा मिलती है। अच्छी बात यह है कि दोस्तों के साथ मिल कर भी माइंड मैप्स तैयार किए जा सकते हैं। इसका उपयोग ब्रेनस्टोर्मिंग, नोट लेने, प्रोजेक्ट प्लानिंग आदि जैसे क्रिएटिव कार्यों के लिए किया जा सकता है। इसके फीचर्स की बात करें, तो इसमें कोलेबोरेटिव ब्रेनस्टोर्मिंग, कस्टमाइजेबल डिजाइन, मल्टीमीडिया अटैचमेंट, टास्क मैनेजमेंट्स, हिस्ट्री व्यू आदि जैसे फीचर्स मिलते हैं। फाइल को पीएनजी, पीडीएफ, वर्ड आदि में एक्सपोर्ट और इंपोर्ट किया जा सकता है। यह फ्री और पेड दोनों ही वर्जन में उपलब्ध है। इसे गूगल और फेसबुक के जरिए साइनअप कर सकते हैं।

Edited By: Sanjay Pokhriyal