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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ripe Mango Hack: आम खरीदने में होती है कंफ्यूजन, तो इन टिप्स से पहचानें केमिकली और प्राकृतिक पके आमों में अंतर

By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
Published: Thu, 11 May 2023 12:54 PM (IST)

गर्मियों का मौसम आते ही बाजार आमों से सजने लगते हैं। आम के शौकीन लोग इस सीजन जमकर आम खाते ...और पढ़ें

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पका आम? इन तरीकों से करें पहचान
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पका आम? इन तरीकों से करें पहचान

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Ripe Mango Hack: गर्मियों का मौसम आते ही मार्केट में कई सारे मौसमी फल मिलने लगते हैं। आम इन्हीं फलों में से एक है। फलों का राजा आम कई लोगों को काफी पसंद होता है। यही वजह है कि आम के शौकीन बेसब्री से गर्मी के मौसम का इंतजार करते हैं। भारत में आम की कई किस्में मिलती हैं। लोग अपनी पसंद के मुताबिक इन्हें खाना पसंद करते हैं। कुछ लोग जहां तोतापरी आम पसंद करते हैं, तो वहीं कुछ लोग लंगड़ा, दशहरी आदि खाना पसंद करते हैं।

लेकिन जब बात आम खरीदने की आती है, तो कई बार गलत आम चुनने की वजह से इन्हें खाने का मजा किरकिरा हो जाता है। आम खरीदते समय कई लोगों को सही आम चुनने में परेशानी होती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आपको सही आम को चुनने का तारीका पता हो। तो अगर आप भी अक्सर सही आम चुनने में कन्फ्यूज हो जाते हैं, तो हम बताते हैं इन्हें पहचानने का तरीका-

केमिकली पके आमों का सेहत पर असर

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुताबिक विश्व स्तर पर आर्टिफिशियल रूप से पके फलों को खाने के लिए सुरक्षित माना जाता है, अगर इन्हें पकाने के लिए सही तरीका अपनाया जाए। हालांकि, कैल्शियम कार्बाइड, जिसे 'मसाला' के नाम से भी जाना जाता है, आमतौर पर आम पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसे बेचने पर एफएसएसएआई के निषेध और बिक्री पर प्रतिबंध, 2011 के तहत पूरा तरह से बैन लगा हुआ है।

सही आम की पहचान

दरअसल, इस कैल्शियम कार्बाइड से आम पकाने के दौरान रिलीज होने वाली एसिटिलीन गैस संचालकों और इसे खाने वालों की सेहत के लिए काफी हानिकारक है। यही वजह है कि एफएसएसएआई इस बात पर जोर देता है कि फलों को इस तरह से पकाना चाहिए, जिससे उनके पोषण में वृद्धि हो और यह इसे खाने वालों के लिए सुरक्षित भी हो। वहीं, बात करें सही आम चुनने की, तो विशेषज्ञों का मानना है कि सही आम चुनने के लिए इन्हें दबाकर और सूंघकर सही आम चुन सकते हैं।

केमिकल और प्राकृतिक पके आम में अंतर

आम चुनते समय यह ध्यान रखें कि आम ओवल या बीन शेप्ड हो। आम खरीदते समय ऐसे आमों का चयन करना चाहिए जो मोटे और गोल हों। साथ ही इसे सूंघने पर मिठास का आभास होना चाहिए। इसके अलावा, केमिकल रूप से पके आमों में, सतह पर पीले और हरे रंग के पैच नजर आते हैं, जबकि प्राकृतिक रूप से पके आमों में धब्बे नहीं होते, यह हरा और पीला रंग आपस में मिला होता है।

प्राकृतिक पके आम की पहचान कैसे करें?

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आम प्राकृतिक रूप से पके हुए है या नहीं, तो आमों को एक बाल्टी पानी में डाल दें। अगर आम डूब जाता है, तो वह प्राकृतिक रूप से पकाया गया है। इसके अलावा आप आम के पल्प से भी प्राकृतिक पके आम की पहचान कर सकते हैं। अगर आम काटने पर इसके ऊपपी पल्प और अंदर के गूदे के रंग में अंतर नजर आए, तो आम केमिकल से पकाया गया है। इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से पके आम का रंग एक समान पीला होता है।

Picture Courtesy: Freepik