हमारा बचपन बड़ा ही खूबसूरत हुआ करता था, क्योंकि बचपन में हम मेले, तीज-त्योहारों का बड़ा आनंद लेते थे। बेसब्री से हर आने वाले त्योहार का इंतजार रहता था। आज भी जब त्योहार आते हैं तो याद आ जाता है हमारा बचपन, जहां हम त्योहारों पर खूब मस्ती करते थे। आज भी त्योहार वही हैं पर वह बचपन नहीं है। पेरेंट्स को चाहिए कि अपने बच्चों को त्योहारों से जोड़ें और उन्हें हर त्योहार का महत्व और उसे मनाने के कारण भी बताएं, जिससे बच्चों में भी त्योहारों के प्रति वही ललक और उत्साह बना रहे, जो हममें रहता था।

त्योहार के पीछे छिपी कहानी

हर त्योहार के पीछे कोई न कोई प्राचीन कहानी होती है, जो हमें सकारात्मक संदेश देती है। इसलिए समय-समय पर बच्चों को इन कहानियों और संदेशों के प्रति बताते रहें। होली, ईद, ओणम, क्रिसमस हर त्योहार के साथ उसकी एक कहानी जुड़ी है। इससे वे अपनी संस्कृति से और अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे। उन्हें पता चलेगा कि ये त्योहार क्यों मनाए जाते हैं। 

मेल-मिलाप बढ़ाते हैं उत्सव

अगर आप बच्चों को त्योहारों से जोड़ेंगे तो बच्चों में मेल-मिलाप की भावना भी बढ़ेगी, क्योंकि त्योहार तो होते ही मिलजुलकर मनाने के लिए हैं। आज बच्चे भी अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में त्योहार इस अकेलेपन को दूर करते हैं। अपने बच्चों को त्योहार पर अपने रिश्तेदारों, परिचितों, पड़ोसियों के यहां जरूर लेकर जाएं जिससे वे सबसे घुले-मिलें और त्योहारों को मिलजुल कर मनाना सीखें।

खुशियों को लाएं अपने घर

जब भी कोई त्योहार आता है तो हम घर की साफ-सफाई और उसे सजाने में जुट जाते हैं। इस काम में बच्चों को भी शामिल करें जिससे उनके मन में भी त्योहारों के आने की खुशी बनी रहे। अगर आप रंगोली बना रही हैं तो बच्चे को भी उसमें रंग भरने दें, इससे उसके दिमाग में ये सारी यादें बनी रहेंगी। घर को यदि खूबसूरत लडि़यों से सजा रहे हैं तो बच्चों से भी मदद लें। इससे त्योहार के प्रति उनका उत्साह बना रहेगा।

बच्चों को हमेशा करें प्रोत्साहित

आजकल बच्चों के स्कूल में भी बहुत से त्योहार मनाए जाते हैं। ऐसे में आप बच्चों को उनमें बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे बच्चे में भी रुझान पैदा हो। आप बच्चे को त्योहार से जुड़ी कविताएं या भाषण भी याद करवा सकते हैं। बच्चे भी खूब सारे बच्चों के साथ मिलकर त्योहार मनाने से खुश होते हैं।

तकनीक की लें मदद

भारत त्योहारों का देश है पर ये जरूरी नहीं कि हम देश में मनाए जाने वाले सभी त्योहार मनाएं, लेकिन हम कम से कम फोटो व वीडियो के जरिए अपने बच्चों को उनके बारे में जानकारी तो दे ही सकते हैं। इससे बच्चों का ज्ञान बढ़ेगा और वे देश में अलग-अलग जगह मनाए जाने वाले हर त्योहार को समझ पाएंगे।

शुरुआत आपको ही करनी होगी

हम कैसे बचपन में हर त्योहार को बड़े चाव से मनाते थे। अब हम कहते हैं हमारे बच्चों की कोई रचि नहीं, तो इसकी वजह भी हम ही हैं। जी हां, ये तब ही होगा जब हम उन्हें त्योहारों का महत्व सिखाएंगे। आपकी एक छोटी-सी कोशिश आपके बच्चे को उसकी संस्कृति और देश की जड़ों से जोड़े रखेगी। 

डॉ. शिल्पा जैन सुराणा

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